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ग्रामीण प्रबंधन में कर सकेंगे कोर्स
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:56 PM IST
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ग्रामीण प्रबंधन में यूजी, पीजी और सर्टिफिकेट स्तर के कोर्स शुरू करेगा। इस विषय पर विवि में कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
इसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ग्रामीण संस्थान परिषद हैदराबाद की अकादमिक सलाहकार डा. एमवी अंजली मौजूद रहीं। उन्होंने विवि के मौजूद अधिकारियों को ग्रामीण प्रबंधन के यूजी और पीजी व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के बारे जानकारी दी। इसके लिए सिलेबस तैयार कर एचपीयू भी अपने से संबद्ध संस्थानों में कोर्स शुरू कैसे कर सकता है। इसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग और परिषद सहयोग करेगी। डा. अंजली ने बताया कि किस तरह से बेरोजगारी की समस्या से निपटने में ये कोर्स सहयोगी साबित होंगे और युवा कोर्स कर स्वावलंबन व स्वरोजगार की ओर बढ़ेंगे और उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण प्रबंधन में फूड प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, ई कामर्स, बायोएक्टिव कं पाउंड, एग्रोकोनोमी आदि की पढ़ाई कोर्स में शामिल कर उनके कौशल का विकास किया जा सकता है।
बैठक में कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने परिषद के इस प्रस्ताव की जानकारी प्राप्त करने के बाद कहा कि एचपीयू भविष्य में परिषद के साथ मिलकर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर विचार करेगा, इसकी रूपरेखा तैयार परिषद के साथ इसको लेकर करार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश हिमाचल की अधिकतर आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण संस्थान प्रबंधन से संबंधित इन कोर्स का छात्रों को लाभ हो सकता है। इसमें परंपरागत खेती, पर्यटन, इको एनर्जी सहित समस्त उपलब्ध संसाधनों के प्रबंधन में युवाओं को प्रशिक्षण देने और कौशल बढ़ाने के लिए ये कोर्स शुरू किए जा सकते है।
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बैठक में विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट डीन प्रो. कुलवंत पठानिया, आईआईएचएस के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार भट्ट और समाज शास्त्र विभाग के शिक्षक व विवि जन संपर्क अधिकारी डा. रणवीर वर्मा भी मौजूद रहे। डा. वर्मा ने बताया कि हैदराबाद की यह परिषद इन कोर्स के बारे में जानकारी देने के लिए आने वाले समय में विवि और प्रदेश के कॉलजों में सेमीनार व वर्कशॉप आयोजित करने पर भी राजी हुई है।
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इसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ग्रामीण संस्थान परिषद हैदराबाद की अकादमिक सलाहकार डा. एमवी अंजली मौजूद रहीं। उन्होंने विवि के मौजूद अधिकारियों को ग्रामीण प्रबंधन के यूजी और पीजी व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के बारे जानकारी दी। इसके लिए सिलेबस तैयार कर एचपीयू भी अपने से संबद्ध संस्थानों में कोर्स शुरू कैसे कर सकता है। इसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग और परिषद सहयोग करेगी। डा. अंजली ने बताया कि किस तरह से बेरोजगारी की समस्या से निपटने में ये कोर्स सहयोगी साबित होंगे और युवा कोर्स कर स्वावलंबन व स्वरोजगार की ओर बढ़ेंगे और उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण प्रबंधन में फूड प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, ई कामर्स, बायोएक्टिव कं पाउंड, एग्रोकोनोमी आदि की पढ़ाई कोर्स में शामिल कर उनके कौशल का विकास किया जा सकता है।
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बैठक में कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने परिषद के इस प्रस्ताव की जानकारी प्राप्त करने के बाद कहा कि एचपीयू भविष्य में परिषद के साथ मिलकर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर विचार करेगा, इसकी रूपरेखा तैयार परिषद के साथ इसको लेकर करार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश हिमाचल की अधिकतर आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण संस्थान प्रबंधन से संबंधित इन कोर्स का छात्रों को लाभ हो सकता है। इसमें परंपरागत खेती, पर्यटन, इको एनर्जी सहित समस्त उपलब्ध संसाधनों के प्रबंधन में युवाओं को प्रशिक्षण देने और कौशल बढ़ाने के लिए ये कोर्स शुरू किए जा सकते है।
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बैठक में विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट डीन प्रो. कुलवंत पठानिया, आईआईएचएस के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार भट्ट और समाज शास्त्र विभाग के शिक्षक व विवि जन संपर्क अधिकारी डा. रणवीर वर्मा भी मौजूद रहे। डा. वर्मा ने बताया कि हैदराबाद की यह परिषद इन कोर्स के बारे में जानकारी देने के लिए आने वाले समय में विवि और प्रदेश के कॉलजों में सेमीनार व वर्कशॉप आयोजित करने पर भी राजी हुई है।