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बेरोजागारी भता लेने से इंकार, युवक ने कायम की मिसाल
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:21 PM IST
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दीपक मेहता
शिमला। रामपुर में पलजारा के रहने वाले जितेंद्र सिंह ने नौकरी मिलते ही सरकार से मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता लेने से इनकार कर दिया। जितेंद्र सिंह ने रोजगार कार्यालय को इसे लेकर लिखित में सूचित किया है। नौकरी लगने के बाद विभाग को लिखित में सूचित करने का यह पहला मामला है। जितेंद्र सिंह की वन महकमे में बतौर गार्ड नौकरी लगी है।
रामपुर के 20 वर्षीय जितेंद्र बीते दो महीने से बेरोजगारी भत्ता ले रहे थे। जुलाई माह में जितेंद्र ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया था। जुलाई और अगस्त महीने में भत्ता लिया। 16 सितंबर को जितेंद्र की वन विभाग में गार्ड की नौकरी लगी, जिसके बाद इन्होंने उप रोजगार कार्यालय रामपुर को नौकरी लगने की लिखित सूचना देकर भत्ता बंद करने का आग्रह किया। बेरोजगारी भत्ता लगने के बाद इनकार करने का यह शिमला में पहला मामला है।
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जब नौकरी लग गई तो क्यों लें बेरोजगारी भत्ता : जितेंद्र
जितेंद्र का कहना है कि जब नौकरी लग गई, तो बेरोजगारी भत्ता लेने का कोई औचित्य नहीं था। इसलिए विभाग को इसे लेकर लिखित में सूचित कर लिया है। मेरी जगह कोई अन्य पात्र युवा बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठा सकेगा।
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रामपुर के युवक ने किया विभाग को सूचित
रामपुर के युवक ने नौकरी लगने के बाद विभाग को लिखित में सूचित कर उसका बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आग्रह किया है। अन्य युवाओं को भी नौकरी लगने के बाद विभाग को इसी तरह सूचित करना चाहिए।
- केके शर्मा
उप निदेशक, रोजगार विभाग
- 2081 बेरोजगारों ने लिया भत्ता
सितंबर माह तक जिला शिमला के करीब 2081 बेरोजगारों ने बेरोजगारी भत्ता लिया है।
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जिले में 83 हजार युवा पंजीकृत
जिला शिमला में करीब 83 हजार युवाओं ने रोजगार विभाग में पंजीकरण करवा रखा है। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 67 हजार और शहरी क्षेत्र में 16 हजार युवा शामिल हैं। इसमें 45 हजार पुरुष और 36 हजार महिलाएं हैं। इसके अलावा अन्य वर्गों के युवा भी शामिल हैं।
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शिमला। रामपुर में पलजारा के रहने वाले जितेंद्र सिंह ने नौकरी मिलते ही सरकार से मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता लेने से इनकार कर दिया। जितेंद्र सिंह ने रोजगार कार्यालय को इसे लेकर लिखित में सूचित किया है। नौकरी लगने के बाद विभाग को लिखित में सूचित करने का यह पहला मामला है। जितेंद्र सिंह की वन महकमे में बतौर गार्ड नौकरी लगी है।
रामपुर के 20 वर्षीय जितेंद्र बीते दो महीने से बेरोजगारी भत्ता ले रहे थे। जुलाई माह में जितेंद्र ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया था। जुलाई और अगस्त महीने में भत्ता लिया। 16 सितंबर को जितेंद्र की वन विभाग में गार्ड की नौकरी लगी, जिसके बाद इन्होंने उप रोजगार कार्यालय रामपुर को नौकरी लगने की लिखित सूचना देकर भत्ता बंद करने का आग्रह किया। बेरोजगारी भत्ता लगने के बाद इनकार करने का यह शिमला में पहला मामला है।
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जब नौकरी लग गई तो क्यों लें बेरोजगारी भत्ता : जितेंद्र
जितेंद्र का कहना है कि जब नौकरी लग गई, तो बेरोजगारी भत्ता लेने का कोई औचित्य नहीं था। इसलिए विभाग को इसे लेकर लिखित में सूचित कर लिया है। मेरी जगह कोई अन्य पात्र युवा बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठा सकेगा।
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रामपुर के युवक ने किया विभाग को सूचित
रामपुर के युवक ने नौकरी लगने के बाद विभाग को लिखित में सूचित कर उसका बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आग्रह किया है। अन्य युवाओं को भी नौकरी लगने के बाद विभाग को इसी तरह सूचित करना चाहिए।
- केके शर्मा
उप निदेशक, रोजगार विभाग
- 2081 बेरोजगारों ने लिया भत्ता
सितंबर माह तक जिला शिमला के करीब 2081 बेरोजगारों ने बेरोजगारी भत्ता लिया है।
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जिले में 83 हजार युवा पंजीकृत
जिला शिमला में करीब 83 हजार युवाओं ने रोजगार विभाग में पंजीकरण करवा रखा है। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 67 हजार और शहरी क्षेत्र में 16 हजार युवा शामिल हैं। इसमें 45 हजार पुरुष और 36 हजार महिलाएं हैं। इसके अलावा अन्य वर्गों के युवा भी शामिल हैं।