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बिजली लाइन बिछाने को बिना अनुमति काट दिए 92 पेड़
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:43 PM IST
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नाहन (सिरमौर)। वन परिक्षेत्र नाहन के अंतर्गत जमटा से देवनी क्षेत्र में टावर लाइन बिछाने के लिए कंपनी ने 92 पेड़ काट दिए हैं। इसकी न तो विभाग से अनुमति ली गई न ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई। इसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। वन विभाग ने सदर थाना में इसकी शिकायत करते हुए वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। टावर लाइन बिछाने की राह में जो भी पेड़ रोड़ा बने कंस्ट्रक्शन कंपनी ने उसे धराशायी कर दिया। वन आरक्षित क्षेत्र से पेड़ों के कटान हुए हैं।
जानकारी के अनुसार जमटा से देवनी तक 220 केवी विद्युत लाइन बिछाने का काम चल रहा है। बिजली बोर्ड ने एक कंपनी को यह कार्य अवार्ड किया है। हालांकि, टावर लगाने के लिए भूमि भी अधिग्रहित की गई है। जहां-जहां टावर लगे वहां पर पेड़ काटने की वन अधिनियम के तहत अनुमति भी ली गई है, लेकिन 220 केवी की बिजली लाइन बिछाने के लिए रास्ते में बाधक बने कई पेड़ों पर बिना अनुमति के ही आरी चला दी गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी कर्ण सिंह चौधरी ने बताया कि जाबल बाग और कांगनीवाला में यह कटान हुआ है। कोकाट और खैर सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 92 पेड़ काटे गए हैं। काटे गए पेड़ों की कीमत लगभग पौने तीन लाख रुपये आंकी गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि इस बारे में उन्होंने नाहन थाना में मामला दर्ज करवाया है। उधर, पुलिस ने भादंसं की धारा तथा वन अधिनियम की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया है। एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
सिरमौर में वन माफिया भी सक्रिय
जमटा से देवनी तक काटे गए पेड़ों पर तो बिजली लाइन बिछा रही कंपनी ने बिना अनुमति ही आरी चला दी है, लेकिन सिरमौर के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में वन माफिया भी सक्रिय है। कई क्षेत्रों में अवैध रूप से वनों का कटान किया जा रहा है। वन विभाग ने राजगढ़ और संगड़ाह क्षेत्र में ऐसे कुछ मामले पकड़े भी हैं। ऐसे में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।
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जानकारी के अनुसार जमटा से देवनी तक 220 केवी विद्युत लाइन बिछाने का काम चल रहा है। बिजली बोर्ड ने एक कंपनी को यह कार्य अवार्ड किया है। हालांकि, टावर लगाने के लिए भूमि भी अधिग्रहित की गई है। जहां-जहां टावर लगे वहां पर पेड़ काटने की वन अधिनियम के तहत अनुमति भी ली गई है, लेकिन 220 केवी की बिजली लाइन बिछाने के लिए रास्ते में बाधक बने कई पेड़ों पर बिना अनुमति के ही आरी चला दी गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी कर्ण सिंह चौधरी ने बताया कि जाबल बाग और कांगनीवाला में यह कटान हुआ है। कोकाट और खैर सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 92 पेड़ काटे गए हैं। काटे गए पेड़ों की कीमत लगभग पौने तीन लाख रुपये आंकी गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि इस बारे में उन्होंने नाहन थाना में मामला दर्ज करवाया है। उधर, पुलिस ने भादंसं की धारा तथा वन अधिनियम की धारा 26 के तहत मामला दर्ज किया है। एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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सिरमौर में वन माफिया भी सक्रिय
जमटा से देवनी तक काटे गए पेड़ों पर तो बिजली लाइन बिछा रही कंपनी ने बिना अनुमति ही आरी चला दी है, लेकिन सिरमौर के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में वन माफिया भी सक्रिय है। कई क्षेत्रों में अवैध रूप से वनों का कटान किया जा रहा है। वन विभाग ने राजगढ़ और संगड़ाह क्षेत्र में ऐसे कुछ मामले पकड़े भी हैं। ऐसे में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।
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