अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: विश्व शांति के लिए दो हजार बजंतरी एक साथ बजाएंगे देव धुन
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अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा में इस बार वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 2000 बजंतरी विश्व शांति के लिए एक साथ देव धुन बजाएंगे। आठ से 14 अक्तूबर तक होने वाले देव महाकुंभ में इस तरह का पहली बार आयोजन होगा।
ढालपुर स्थित देवसदन में गुरुवार को दशहरा उत्सव को लेकर परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में गोविंद ठाकुर ने घोषणा की कि दिन के समय कलाकेंद्र में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले दलों को पांच हजार की जगह दस हजार रुपये मिलेंगे।
बजंतरियों को मिलने वाली राशि में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। देवी-देवताओं का नजराना बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री दशहरे के दौरान करेंगे। सप्ताह भर चलने वाले विश्व प्रसिद्ध देवी-देवताओं के इस महाकुंभ में देश के साथ सूबे की परंपराओं और संस्कृति से जुड़े अनेक कार्यक्रमों को शामिल किया जाएगा।
331 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया
इसके लिए केरल और मध्य प्रदेश समेत चार राज्यों की स्वीकृति भी आ चुकी है। इसके अलावा दशहरा उत्सव की सभी सांस्कृतिक संध्याओं में विदेशी दल अपनी प्रस्तुति देंगे।
दशहरा उत्सव समिति ने इस बार 331 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया है, जबकि इससे पहले जिले के 305 देवी-देवताओं को बुलावा दिया जाता था। पिछले साल दशहरा में रिकॉर्ड 274 देवी-देवताओं के भाग लेने के बाद समिति ने 26 नए देवी-देवताओं को दशहरे में बुलाया है।
इसमें पारंपरिक कुल्लवी नाटी के अलावा लालड़ी नृत्य का भी आयोजन किया जाएगा। नाटी 12 अक्तूबर तथा लालड़ी 13 अक्तूबर शाम को रथ मैदान में होगी। आठ अक्तूबर को राज्यपाल कुल्लू दशहरे का शुभारंभ करेंगे, जबकि समापन 14 अक्तूबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किया जाएगा।