साल के पहले दिन शक्तिपीठों में 2.20 लाख श्रद्धालु हुए नतमस्तक
नववर्ष पर जहां लाखों सैलानियों ने पर्यटन स्थलों पर मौज-मस्ती के साथ नए साल का जश्न मनाया, वहीं लाखों लोग शक्तिपीठों में नतमस्तक हुए। सूबे की पांच प्रसिद्ध शक्तिपीठों ज्वालाजी, चामुंडा, बज्रेश्वरी, चिंतपूर्णी और श्रीनयनादेवी में मंगलवार को करीब सवा दो लाख श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे।
उन्होंने दिनभर कतारों में लगकर देवियों के दर्शन करने के साथ नए साल का स्वागत किया। मंदिरों में सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए थे। अधिकतर मंदिर सुबह चार बजे के बाद ही खुल गए थे। दिनभर मंदिरों में जयकारे लगते रहे और घंटियां बजती रहीं।
सोमवार रात को 12 बजे से 2 बजे तक चार विशेष आरतियों का आयोजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। नववर्ष के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं ने माता की पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ किया और पूरी रात जागरण में भाग लिया। वहीं रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से माता का दरबार दुल्हन की तरह सजा था।
मां नयना देवी के दरबार एक लाख भक्त पहुंचे
मंगलवार को सबसे ज्यादा करीब एक लाख श्रद्धालु मां नयना देवी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। सायं सात बजे तक ज्वालाजी में 25 हजार, चामुंडा मंदिर में 20 हजार और मां बज्रेश्वरी के चरणों में 15 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में सोमवार रात से ही लोग कतारों में लग गए थे। रात 12 बजते ही मां के भक्तों ने आतिशबाजी चलाकर नववर्ष का स्वागत किया। यहां 60 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका और उसके बाद एक-दूसरे को नववर्ष की बधाइयां दीं।