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कालका-शिमला ट्रैक के लिए ‘प्रभु’ ने दिए महज ढाई करोड़
विश्वास भारद्वाज/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 26 Feb 2016 10:55 AM IST
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रेलवे बजट में इस बार भी विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक की अनदेखी हुई है। इस ऐतिहासिक ट्रैक के लिए ‘प्रभु’ की झोली ने कंजूसी बरती है। रेलवे मंत्रालय ने कालका-शिमला रेलवे ट्रैक के लिए महज ढाई करोड़ रुपये निकाले हैं। लगभग 96 किमी लंबे ट्रैक के नवीनीकरण और सुंदरीकरण पर यह राशि खर्च किए जाने का दावा बजट में हुआ है।
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जानकार मान रहे हैं कि ऐतिहासिक ट्रैक के लिए यह बजट ऊंट के मुंह में जीरा है। वीरवार को जारी रेल बजट में यह घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त शिमला के ओल्ड बस स्टैंड स्थित भलखू रेल संग्रहालय को भी सैलानियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। रेलवे ने शिमला रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण का काम शुरू कर दिया है।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर कोटा स्टोन लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बीते दिनों यात्रियों के लिए सोविनियर शॉप खोली गई है। इस शॉप पर यात्रियों को रेलवे के इतिहास से संबंधित उत्पाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन परिसर के सुंदरीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। रेलवे ट्रैक के इर्दगिर्द भी नियमित तौर पर सफाई की जा रही है। रेलवे स्टेशन आने वाले लोगों की पेश आने वाली कार पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए ओल्ड बस स्टैंड के पास पार्किंग का भी निर्माण किया जा रहा है।
शिमला-कालका रेल लाइन विश्व धरोहर का दर्जा पाने वाली तीसरी रेल लाइन है। 8 जुलाई 2008 को यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। दार्जिलिंग रेलवे और नीलगिरि रेलवे को भी विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है। 1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं।
समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फुट से लेकर 7 हजार फुट है। कालका-शिमला ट्रैक पर रेलवे का इतिहास ‘स्टीम लोकोमोटिव इंजन’ दौड़ता है। केसी-520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन 109 साल पुराना है। इंजन का वजन करीब 41 टन है और यह करीब 80 टन तक भार खींच सकता है।
रेल संग्रहालय और यूनेस्को विश्व धरोहर रेलों के जरिये पर्यटन को बढ़ावा देने को एलान किया गया है लेकिन इसके लिए बजट में पैसे का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। यूनेस्को द्वारा कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। ओल्ड बस स्टैंड के पास रेलवे ने भलखू रेल संग्रहालय भी बनाया है।