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मरीजों की जान से खेलने पर तुला डीडीयू अस्पताल

Mon, 04 Jun 2018 10:48 PM IST
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:48 PM IST
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मरीजों की जान से खेलने पर तुला डीडीयू अस्पताल
सुमित ठाकुर
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गायनी ओपीडी
समय : 11 बजे।
ओपीडी, इमरजेंसी में एक डॉक्टर
यहां पर मौजूद डॉक्टर आपातकालीन और गायनी ओपीडी एक साथ संभाल रही हैं। मरीजों की लंबी लाइनें दूसरी ओर लग गई थी। इमरजेंसी कॉल आई तो इमरजेंसी वार्ड पहुंचीं। बाद में ओपीडी आईं, महिला का चेकअप करने दूसरे कमरे में गईं। लेकिन ओपीडी के बाहर लगी भीड़ को बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। संजौली की निर्मला, मैहली की चंपा, चंडीगढ़ की पूजा देवी और रोहड़ू की अनीता ने कहा कि प्रबंधन को मरीजों की परवाह नहीं है। एक डॉक्टर की ड्यूटी दो जगह लगाने का क्या मतलब बनता है।
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नेत्र रोग ओपीडी
समय : सुबह के 11: 25 बजे।
दोनों सर्जन छुट्टी पर, कर्मचारी जांच रहा मरीजों को
यहां पर दोनों सर्जन छुट्टी पर हैं। मरीज विशेषज्ञ को दिखाना चाहते हैं, लेकिन ओपीडी पहुंचे तो वहां विशेषज्ञ नहीं मिलते हैं। डॉक्टर की जगह रिफ्रेक्शन जांचने वाले एक कर्मी की ड्यूटी यहां लगाई गई थी। ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच के अलावा मेडिकल बिलों को भरने का कार्य किया जा रहा था। पूछने पर स्टाफ के कर्मी ने बताया कि इन्हें भी एमओ की गिनती में गिना जाता है। आज यह ही मरीजों की आंखों की जांच करेंगे।
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मेडिसिन ओपीडी
समय 11:55 मिनट।
दो डॉक्टर रिलीव, जो हैं, वो छुट्टी पर
जनरल मेडिसिन ओपीडी का हाल तो और भी खराब है। दो डॉक्टर रिलीव हो चुके है। बाकी के जो बचे हैं, वे छुट्टी पर चल रहे हैं। ऑपरेशन थियेटर से एक डॉक्टर को ओपीडी में मरीजों की जांच करने के लिए बुलाया गया था। धरोगड़ा के उमेश और शिमला के सोहन ने बताया कि डॉक्टरों के न होने के कारण मरीजों को कई घंटों तक बारी का इंतजार करना पड़ा है।
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ईएनटी ओपीडी
समय : 11: 15
ईएनटी की ओपीडी में बैठा दिए आर्थो सर्जन
ईएनटी के डॉक्टर भी अवकाश पर चल रहे हैं। हफ्ते का पहला दिन होने के कारण ओपीडी में मरीज पहुंच रहे थे। लेकिन जब अपने डॉक्टर के बारे में पूछने लगे तो स्टाफ से जवाब देते नहीं बन रहा। मरीज परेशान हैं। शिकायत करें तो किससे और कहां करें। सुनने वाला कोई नहीं। हालांकि, बाद में डॉक्टर के आने के बाद ओपीडी सुचारु रुप से चलती रही। जिस सर्जन की ड्यूटी लगाई गई थी। उनकी सोमवार को अस्पताल में ओपीडी ही नही थी।
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रुटीन में कैसे चलती है ओपीडी
- पुराने भवन में जब गायनी ओपीडी चलाई जाती थी। तो दो डॉक्टर एक समय पर ओपीडी संभालते थे। सोमवार को नजारा कुछ और ही देखने को मिला। केवल एक डॉक्टर के सारा काम संभाल रहा था।
- जनरल मेडिसन ओपीडी में वैसे तो दो डॉक्टर रुटीन में बैठते हैं। दो डॉक्टर यहां से रिलीव हो चुके है। दो डॉक्टर छुट्टी पर थे। ऐसे में अन्य विभाग के डॉक्टर की ड्यूटी ओपीडी संभालने के लिए लगाई गई।

- नेत्ररोग ओपीडी में भी दो ही डॉक्टर ओपीडी का कार्य संभालते हैं। एक डॉक्टर अर्न लीव पर है। जबकि दूसरे डॉक्टर भी छुट्टी पर हैं।
- ईएनटी ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा तो नहीं होती है। रुटीन में नाक, कान और गले की समस्या को लेकर ओपीडी में इलाज करवाने पहुंचते ही है। विशेषज्ञ डॉक्टर इनकी जांच करते हैं।
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