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न्यूनतम बस किराया पांच रुपये करने की कवायद शुरू
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी बस ऑपरेटरों ने बसों में न्यूनतम किराया 3 से 5 रुपये करने की कवायद शुरू कर दी है। किराये में बढ़ोतरी पर सरकार की मुहर लगाने के लिए बस ऑपरेटर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान परिवहन मंत्री से मिलने जा रहे हैं। शिमला शहर में निजी और एचआरटीसी बसों के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की मांग भी परिवहन मंत्री के समक्ष उठाने की तैयारी है।
निजी बस ऑपरेटरों ने गत अक्तूबर माह में आचार संहिता लगने पर न्यूनतम किराये में दो रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। बसों में सवारियों से बढ़ा हुआ किराया वसूलना भी शुरू कर दिया था, लेकिन परिवहन विभाग की सख्ती के बाद दोबारा न्यूनतम किराया 3 रुपये वसूलना शुरू कर दिया। अब जबकि सरकार बदल चुकी है तो बस ऑपरेटरों को किराये में बढ़ोतरी की दोबारा उम्मीद जगी है। हिमाचल प्रदेश प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव रमेश कमल ने बताया कि परिवहन मंत्री से न्यूनतम किराया 5 रुपये करने, एचआरटीसी के पास कलस्टर में संचालन के लिए आई बसें संबंधित कलस्टर में ही चलाने के आदेश जारी करने, रूट परमिटों की बंदरबांट बंद कर एचआरटीसी और प्राइवेट ऑपरेटरों के लिए एक मापदंड तय करने, टैक्स पर लगाया गया टैक्स (ग्रीन सेस) वापस लेने और टैक्स के हिसाब से किराया निर्धारित करने की मांग उठाई जाएगी। निजी बस ऑपरेटर यूनियन शिमला के महासचिव अमित चड्ढा ने बताया कि परिवहन मंत्री से शिमला शहर के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की मांग की जाएगी।
मौजूदा समय में 3 रुपये है न्यूनतम किराया
न्यूनतम बस किराया 3 रुपये निर्धारित किया गया है। यह किराया तीन किलोमीटर तक का है। अगर कोई सवारी 3 किलोमीटर से ज्यादा बस में सफर करती है तो उन्हें 1.45 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूल किया जाता है।
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बस ऑपरेटर रहे हैं परिवहन मंत्री, उनसे कई उम्मीदें
बस ऑपरेटरों का मानना है कि परिवहन मंत्री खुद भी प्राइवेट बस ऑपरेटर रहे हैं। वह ऑपरेटरों की दिक्कतें अच्छे से समझते हैं। बस ऑपरेटरों को उम्मीद है कि परिवहन मंत्री उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे।
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शिमला। निजी बस ऑपरेटरों ने बसों में न्यूनतम किराया 3 से 5 रुपये करने की कवायद शुरू कर दी है। किराये में बढ़ोतरी पर सरकार की मुहर लगाने के लिए बस ऑपरेटर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान परिवहन मंत्री से मिलने जा रहे हैं। शिमला शहर में निजी और एचआरटीसी बसों के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की मांग भी परिवहन मंत्री के समक्ष उठाने की तैयारी है।
निजी बस ऑपरेटरों ने गत अक्तूबर माह में आचार संहिता लगने पर न्यूनतम किराये में दो रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। बसों में सवारियों से बढ़ा हुआ किराया वसूलना भी शुरू कर दिया था, लेकिन परिवहन विभाग की सख्ती के बाद दोबारा न्यूनतम किराया 3 रुपये वसूलना शुरू कर दिया। अब जबकि सरकार बदल चुकी है तो बस ऑपरेटरों को किराये में बढ़ोतरी की दोबारा उम्मीद जगी है। हिमाचल प्रदेश प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव रमेश कमल ने बताया कि परिवहन मंत्री से न्यूनतम किराया 5 रुपये करने, एचआरटीसी के पास कलस्टर में संचालन के लिए आई बसें संबंधित कलस्टर में ही चलाने के आदेश जारी करने, रूट परमिटों की बंदरबांट बंद कर एचआरटीसी और प्राइवेट ऑपरेटरों के लिए एक मापदंड तय करने, टैक्स पर लगाया गया टैक्स (ग्रीन सेस) वापस लेने और टैक्स के हिसाब से किराया निर्धारित करने की मांग उठाई जाएगी। निजी बस ऑपरेटर यूनियन शिमला के महासचिव अमित चड्ढा ने बताया कि परिवहन मंत्री से शिमला शहर के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की मांग की जाएगी।
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मौजूदा समय में 3 रुपये है न्यूनतम किराया
न्यूनतम बस किराया 3 रुपये निर्धारित किया गया है। यह किराया तीन किलोमीटर तक का है। अगर कोई सवारी 3 किलोमीटर से ज्यादा बस में सफर करती है तो उन्हें 1.45 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूल किया जाता है।
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बस ऑपरेटर रहे हैं परिवहन मंत्री, उनसे कई उम्मीदें
बस ऑपरेटरों का मानना है कि परिवहन मंत्री खुद भी प्राइवेट बस ऑपरेटर रहे हैं। वह ऑपरेटरों की दिक्कतें अच्छे से समझते हैं। बस ऑपरेटरों को उम्मीद है कि परिवहन मंत्री उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे।