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पेड न्यूज पर रहेगी कड़ी नजर = लाबरू
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान पेड न्यूज और विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विकास लाबरू ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया है। यह समिति पेड न्यूज और विज्ञापनों पर कड़ी नजर रख रही है।
एमसीएमसी की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी विकास लाबरू ने कहा कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक्स मीडिया में उम्मीदवारों की ओर से अपने-अपने पक्ष में प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापनों के साथ-साथ पेड न्यूज का भी गहनता से विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्यरत केबल ऑपरेटर जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की राजनीतिक अपील या विज्ञापन इत्यादि को प्रसारित न करें। समाचार पत्रों से भी आग्रह किया है कि वे भी उम्मीदवारों के पक्ष में समाचारों को ऐसे तरीके से प्रकाशित करने से परहेज करें जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हों। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज से जुडे़ किसी भी मामले को एमसीएमसी की ओर से संबंधित निर्वाचन अधिकारी को अगली कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जाएगा। पेड न्यूज के संबंध में एमसीएमसी से सूचना मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी 96 घंटे की समयावधि में उम्मीदवार को नोटिस जारी करेंगे जबकि नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर संबंधित उम्मीदवार को नोटिस का जवाब देना होगा। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की ओर से प्रचार पर विभिन्न माध्यमों के अंतर्गत विज्ञापनों इत्यादि पर होने वाला सारा खर्च उम्मीदवार के चुनावी व्यय में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 28 लाख रुपये की चुनावी खर्चे की सीमा निर्धारित की है।
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ऊना।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान पेड न्यूज और विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विकास लाबरू ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया है। यह समिति पेड न्यूज और विज्ञापनों पर कड़ी नजर रख रही है।
एमसीएमसी की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी विकास लाबरू ने कहा कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक्स मीडिया में उम्मीदवारों की ओर से अपने-अपने पक्ष में प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापनों के साथ-साथ पेड न्यूज का भी गहनता से विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्यरत केबल ऑपरेटर जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की राजनीतिक अपील या विज्ञापन इत्यादि को प्रसारित न करें। समाचार पत्रों से भी आग्रह किया है कि वे भी उम्मीदवारों के पक्ष में समाचारों को ऐसे तरीके से प्रकाशित करने से परहेज करें जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हों। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज से जुडे़ किसी भी मामले को एमसीएमसी की ओर से संबंधित निर्वाचन अधिकारी को अगली कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जाएगा। पेड न्यूज के संबंध में एमसीएमसी से सूचना मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी 96 घंटे की समयावधि में उम्मीदवार को नोटिस जारी करेंगे जबकि नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर संबंधित उम्मीदवार को नोटिस का जवाब देना होगा। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की ओर से प्रचार पर विभिन्न माध्यमों के अंतर्गत विज्ञापनों इत्यादि पर होने वाला सारा खर्च उम्मीदवार के चुनावी व्यय में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 28 लाख रुपये की चुनावी खर्चे की सीमा निर्धारित की है।
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