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शहरवासी तय करेंगे, गारबेज कलेक् शन का पैसा देना है या नहीं
Updated Sat, 14 Oct 2017 10:19 PM IST
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शिमला। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब सितंबर महीने की गारबेज कलेक्शन की फीस नहीं वसूली जाएगी। यदि कोई सुपरवाइजर जबरदस्ती यह फीस वसूलता है तो आप नगर निगम में शिकायत कर सकते हैं। हड़ताल के दौरान की फीस वसूली होने की शिकायतें मिलने के बाद निगम ने यह ताजा निर्देश जारी किए हैं।
निगम ने सितंबर महीने की फीस चुकाने का फैसला शहरवासियों पर छोड़ दिया है। प्रशासन का कहना है कि कोई भी सुपरवाइजर खुद सितंबर की फीस नहीं वसूलेगा। लेकिन यदि कोई शहरवासी खुद आधी फीस देना चाहता हो तो वह खुद ही तय करे। सैहबकर्मी एक से 22 सितंबर तक ज्यादातर दिन हड़ताल पर रहे थे। इस दौरान शहरवासियों को खुद ही कूड़ा उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद निगम महापौर ने शहरवासियों को राहत देेते हुए फैसला लिया था कि सितंबर महीने की फीस नहीं ली जाएगी।
सुपरवाइजर वसूल रहे आधी फीस
सुपरवाइजर अगस्त के साथ-साथ सितंबर महीने की भी फीस वसूलने पहुंच गए। सुपरवाइजर कह रहे हैं कि निगम ने आधी फीस वसूलने के निर्देश दिए हैं। निगम के आदेशों का हवाला देते हुए 20 से 30 रुपये वसूल रहे हैं। ज्यादातर लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब कूड़ा ही नहीं उठाया तो पैसा किस बात का।
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कोट्स
मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि हमने सुपरवाइजरों को अगस्त माह तक की फीस लेने को कहा है। सितंबर की फीस वसूली को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं दिए हैं। कर्मचारियों ने कुछेक दिन काम किया है। ऐसे में शहरवासी ही तय करें कि उन्हें कितना पैसा देना है। जबरदस्ती वसूली करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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निगम ने सितंबर महीने की फीस चुकाने का फैसला शहरवासियों पर छोड़ दिया है। प्रशासन का कहना है कि कोई भी सुपरवाइजर खुद सितंबर की फीस नहीं वसूलेगा। लेकिन यदि कोई शहरवासी खुद आधी फीस देना चाहता हो तो वह खुद ही तय करे। सैहबकर्मी एक से 22 सितंबर तक ज्यादातर दिन हड़ताल पर रहे थे। इस दौरान शहरवासियों को खुद ही कूड़ा उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद निगम महापौर ने शहरवासियों को राहत देेते हुए फैसला लिया था कि सितंबर महीने की फीस नहीं ली जाएगी।
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सुपरवाइजर वसूल रहे आधी फीस
सुपरवाइजर अगस्त के साथ-साथ सितंबर महीने की भी फीस वसूलने पहुंच गए। सुपरवाइजर कह रहे हैं कि निगम ने आधी फीस वसूलने के निर्देश दिए हैं। निगम के आदेशों का हवाला देते हुए 20 से 30 रुपये वसूल रहे हैं। ज्यादातर लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब कूड़ा ही नहीं उठाया तो पैसा किस बात का।
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मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि हमने सुपरवाइजरों को अगस्त माह तक की फीस लेने को कहा है। सितंबर की फीस वसूली को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं दिए हैं। कर्मचारियों ने कुछेक दिन काम किया है। ऐसे में शहरवासी ही तय करें कि उन्हें कितना पैसा देना है। जबरदस्ती वसूली करने वालों पर कार्रवाई होगी।