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शहर में बिना नक्शा बना दिया आठ मंजिला मकान
Thu, 28 Mar 2019 10:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 28 Mar 2019 10:28 AM IST
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शहर के मज्याठ वार्ड में एक भवन मालिक ने बिना नक्शे के ही आठ मंजिला मकान खड़ा कर दिया। नगर निगम सिर्फ नोटिस भेजता रह गया और भवन मालिक इसकी परवाह किए बगैर दिन-रात निर्माण में लगा रहा। अवैध निर्माण के मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस भवन मालिक के खिलाफ अवैध निर्माण मामले में साल 2010 से आयुक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
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इसने बिना नक्शे के ही सात मंजिलें बना दी थीं, जिस पर आयुक्त कोर्ट में फैसला अभी आया भी नहीं था कि चंद दिन पहले फिर शिकायत मिली कि भवन मालिक ने अब आठवीं मंजिल के लिए भी स्लैब डाल दिया है। इस पर फिर भवन मालिक को नोटिस भेजा गया। काम रोकने और नया निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए लेकिन, भवन मालिक ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही काम बंद किया।
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अब आयुक्त कोर्ट से इस भवन का बिजली और पानी का कनेक्शन काटने के ऑर्डर जारी किए हैं। भवन मालिक के खिलाफ फिर से नया केस तो लगाया गया है, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर ऐसे लोगों के खिलाफ कब सख्ती होगी? आम जनता को ढाई मंजिला मकान बनाने के लिए भी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं जबकि कई लोग बिना नक्शे ही आठ मंजिला मकान बना रहे हैं।
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भवन मालिक बेखौफ, कैसे लागू होंगे एनजीटी के ऑर्डर
शहर में यह पहला मामला नहीं है जहां एक ओर कोर्ट में सुनवाई चल रही हो और दूसरी ओर अवैध निर्माण जारी हो। मालरोड पर नामी कामर्शियल कांपलेक्स के मालिक ने भी नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण कर दिया था।
बाद में निगम को यहां अपना कर्मचारी तैनात करना पड़ा है। एनजीटी ने प्लानिंग एरिया में सिर्फ ढाई मंजिला भवन बनाने की अनुमति दी है लेकिन उपनगरों में कई भवन मालिक अपने पुराने भवनों को सात से आठ मंजिल तक पहुंचा चुके हैं।
इसलिए बढ़ रहा अवैध निर्माण
पहले नगर निगम अवैध निर्माण मिलने पर उसे तुरंत तोड़ने की कार्रवाई कर देता था लेकिन, बाद में इस पर विवाद होने लगा। भवनमालिक निगम कर्मचारियों से उलझने और उन पर हमला करने लगे। अब निगम में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही प्रशासन अवैध निर्माण तोड़ने के ऑर्डर कर रहा है।
हालांकि, नए नियमों के तहत बिजली और पानी तो काटा जा रहा है, लेकिन इससे अवैध निर्माण रुकता है या नहीं, इसका पता आने वाले दिनों में चलेगा। निगम वास्तुकार राजीव शर्मा का कहना है कि आयुक्त कोर्ट से भवनमालिक के बिजली और पानी काटने के आदेश जारी हुए हैं। बिना नक्शे के जो भी अवैध निर्माण होगा, वह तोड़ा जाएगा।