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Shimla News: प्रदेश में 1.80 लाख लोगों ने बनवाए हिम बस पास
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31 मार्च के बाद बिना कार्ड नहीं किराये में छूट
ऑनलाइन आवेदन के बाद काउंटर से मिलेंगे बस पास
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी बसों में रियायती सफर की सुविधा के लिए अभी तक प्रदेश में 1.80 लाख लोगों ने बस पास बनवा लिए हैं। सरकार ने 31 मार्च तक महिलाओं समेत विभिन्न श्रेणियों के लोगों को रियायती दरों पर बस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पास बनवाने की तय सीमा निर्धारित की है।
इसके बाद बिना कार्ड वाले यात्रियों को निगम की बसों में किराये में छूट की सुविधा नहीं मिलेगी। डेढ़ लाख से अधिक हिम बस पास बनने के बावजूद लाखों महिलाओं और स्कूल के विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न श्रेणियों के लोगों ने अभी तक हिम बस पास के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में उन्हें रियायती सफर की सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है।
एचआरटीसी की ओर से हिम बस पास बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। कार्ड की प्रिंटिंग के कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है। पात्र लोग घर बैठे ही बस पास बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एचआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट buspassonline.hrtchp.com पर जाना होगा। पोर्टल पर दी गई प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी जानकारी दर्ज करने के बाद लोग पास को संबंधित डिपो में काउंटर पर जाकर ले सकते हैं। निगम का दावा है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए इंटरफेस को फ्रेंडली बनाया है जिससे बुजुर्ग और तकनीक के बारे में कम जानकारी रखने वाले लोग भी आसानी से आवेदन कर सकें। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने कहा कि अभी तक 1.80 लाख पात्र लोगों ने हिम बस पास बनवा लिए हैं। निगम की ओर से लोगों को जल्द पास उपलब्ध करवाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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महिलाओं और कैंसर मरीजों को मिलनी है सुविधा
एचआरटीसी की बसों में निशुल्क और रियायती पास की सुविधा का लाभ 28 श्रेणियों को मिलता है। इसमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है जिन्हें किराये में 50 फीसदी की छूट दी जाती है। इसके अलावा दिव्यांग भी शामिल हैं। इनकी संख्या प्रदेश में तीन हजार के करीब है। इसके अलावा कैंसर और गंभीर रोगों के मरीजों को भी निशुल्क बस सुविधा का लाभ मिलता है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निगम की बसों में रियायत मिलती है।
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ऑनलाइन आवेदन के बाद काउंटर से मिलेंगे बस पास
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी बसों में रियायती सफर की सुविधा के लिए अभी तक प्रदेश में 1.80 लाख लोगों ने बस पास बनवा लिए हैं। सरकार ने 31 मार्च तक महिलाओं समेत विभिन्न श्रेणियों के लोगों को रियायती दरों पर बस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पास बनवाने की तय सीमा निर्धारित की है।
इसके बाद बिना कार्ड वाले यात्रियों को निगम की बसों में किराये में छूट की सुविधा नहीं मिलेगी। डेढ़ लाख से अधिक हिम बस पास बनने के बावजूद लाखों महिलाओं और स्कूल के विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न श्रेणियों के लोगों ने अभी तक हिम बस पास के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में उन्हें रियायती सफर की सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है।
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एचआरटीसी की ओर से हिम बस पास बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। कार्ड की प्रिंटिंग के कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है। पात्र लोग घर बैठे ही बस पास बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एचआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट buspassonline.hrtchp.com पर जाना होगा। पोर्टल पर दी गई प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी जानकारी दर्ज करने के बाद लोग पास को संबंधित डिपो में काउंटर पर जाकर ले सकते हैं। निगम का दावा है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए इंटरफेस को फ्रेंडली बनाया है जिससे बुजुर्ग और तकनीक के बारे में कम जानकारी रखने वाले लोग भी आसानी से आवेदन कर सकें। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने कहा कि अभी तक 1.80 लाख पात्र लोगों ने हिम बस पास बनवा लिए हैं। निगम की ओर से लोगों को जल्द पास उपलब्ध करवाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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महिलाओं और कैंसर मरीजों को मिलनी है सुविधा
एचआरटीसी की बसों में निशुल्क और रियायती पास की सुविधा का लाभ 28 श्रेणियों को मिलता है। इसमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है जिन्हें किराये में 50 फीसदी की छूट दी जाती है। इसके अलावा दिव्यांग भी शामिल हैं। इनकी संख्या प्रदेश में तीन हजार के करीब है। इसके अलावा कैंसर और गंभीर रोगों के मरीजों को भी निशुल्क बस सुविधा का लाभ मिलता है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निगम की बसों में रियायत मिलती है।