हिमाचल में इस ग्रेड में पास हुए पहली से आठवीं कक्षा के 18.5 फीसदी बच्चे
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 18.5 फीसदी बच्चे इस बार ई ग्रेड लेकर पास हुए हैं। मंगलवार को शिक्षा विभाग के समर्थ असेसमेंट डेशबोर्ड में जारी परिणाम में यह खुलासा हुआ है।
बीते साल के मुकाबले ई ग्रेड में इस बार तीन फीसदी अधिक बच्चे शामिल हुए हैं। साल 2016-17 के दौरान 15.5 फीसदी बच्चे ई ग्रेड लेकर पास हुए थे। सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करने के लिए सरकार ने समर्थ असेसमेंट डेशबोर्ड बनाया है।
इस ऑनलाइन साफ्टवेयर को तैयार करने के लिए बीते दो माह के दौरान प्रदेश के 15 हजार से अधिक स्कूलों के परिणामों को डिजिटाइज किया गया। मंगलवार को डेशबोर्ड में जानकारी को अपलोड किया गया है।
बताया गया है कि पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 4,44,417 बच्चों के परिणामों की समीक्षा करने पर पाया गया कि 26.3 फीसदी बच्चे ए ग्रेड, 19.1 फीसदी बच्चे बी ग्रेड, 19.7 फीसदी बच्चे सी ग्रेड और 16.4 फीसदी बच्चे डी ग्रेड में पास हुए हैं।
लाहौल-हमीरपुर अव्वल, सिरमौर पिछड़ा
साल 2016-17 में 23.8 फीसदी बच्चे ए ग्रेड, 20.2 फीसदी बच्चे बी ग्रेड, 22.0 फीसदी बच्चे सी ग्रेड और 18.6 फीसदी बच्चे डी ग्रेड में पास हुए थे। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया है कि परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
समर्थ असेसमेंट डेशबोर्ड के मुताबिक लाहौल स्पीति और हमीरपुर जिला के पहली से आठवीं कक्षा के परिणाम बेहतर रहे हैं जबकि सिरमौर जिला के परिणामों में अधिक गिरावट आई है।
अंग्रेजी में 34 फीसदी बच्चों को ए, बी ग्रेड
लाहौल में 61 फीसदी, हमीरपुर में 56.6, कांगड़ा में 51.9, बिलासपुर में 51.5, मंडी में 50.5, सोलन में 48.8, किन्नौर में 48.7, शिमला में 47.7, ऊना में 47.4, कुल्लू में 41.8, चंबा में 34.8 और सिरमौर 31.9 फीसदी बच्चे ए और बी ग्रेड से पास हुए हैं।
अंग्रेजी विषय में प्रदेश के 34 फीसदी बच्चों ने ए और बी ग्रेड लिया है। पर्यावरण विज्ञान में 57.1, हिंदी में 54.4, गणित में 42.7, विज्ञान में 39.1 और सामाजिक अध्ययन में 33.4 फीसदी बच्चों ने ए और बी ग्रेड लिया है।