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होटल एसोसिएशन
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:12 PM IST
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गलत नीतियों से होटल जगत हो रहा बदनाम : सेठ
शिमला। नगर निगम होटल के पानी के बिल हर नौ महीने के एक साथ जारी करता है। इसके चलते होटल मालिकों को इसका भुगतान करना मुश्किल हो जाता है।होटल एसोसिएशन ने नगर निगम शिमला पर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम की इन्हीं गलत नीतियों के कारण होटल जगत बदनाम होता है। एसोसिएशन ने नगर निगम से मांग की है कि पानी के बिलों के भुगतान की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई जाए। साथ ही होटलों के पानी के बिल हर माह जारी किए जाएं। बार-बार मांग करने के बावजूद नगर निगम इसे अनसुना कर देता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ का कहना है कि पिछले महीने एसोसिएशन ने महापौर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया था। इसमें उपमहापौर और पार्षदों ने भी भाग लिया था। इसमें एसोसिएशन ने होटल वालों के साथ हो रहे भेदभाव के बारे में उन्हें अवगत करवाया। एसोसिएशन ने अपनी समस्याओं के हल के लिए एक ज्ञापन सौंपा और आग्रह किया कि इन समस्याओं का जल्द हल किया जाए।
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शिमला। नगर निगम होटल के पानी के बिल हर नौ महीने के एक साथ जारी करता है। इसके चलते होटल मालिकों को इसका भुगतान करना मुश्किल हो जाता है।होटल एसोसिएशन ने नगर निगम शिमला पर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम की इन्हीं गलत नीतियों के कारण होटल जगत बदनाम होता है। एसोसिएशन ने नगर निगम से मांग की है कि पानी के बिलों के भुगतान की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई जाए। साथ ही होटलों के पानी के बिल हर माह जारी किए जाएं। बार-बार मांग करने के बावजूद नगर निगम इसे अनसुना कर देता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ का कहना है कि पिछले महीने एसोसिएशन ने महापौर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया था। इसमें उपमहापौर और पार्षदों ने भी भाग लिया था। इसमें एसोसिएशन ने होटल वालों के साथ हो रहे भेदभाव के बारे में उन्हें अवगत करवाया। एसोसिएशन ने अपनी समस्याओं के हल के लिए एक ज्ञापन सौंपा और आग्रह किया कि इन समस्याओं का जल्द हल किया जाए।