फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CEEW study: Villages in Himachal are adopting climate change adaptation measures

सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: हिमाचल के गांव अपना रहे जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के प्रयास, शिमला में जारी हुई रिपोर्ट

Sat, 31 Oct 2026 02:03 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 31 Oct 2026 02:03 PM IST
सार

प्रदेश के गांवों में जलवायु परिवर्तन से अनुकूलन के प्रयास पहले से चल रहे हैं। यह जानकारी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के एक अध्ययन से सामने आई है।

विज्ञापन
CEEW study: Villages in Himachal are adopting climate change adaptation measures
(सीईईडब्ल्यू की रिपोर्ट जारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के गांवों में जलवायु परिवर्तन से अनुकूलन के प्रयास पहले से चल रहे हैं। यह जानकारी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के एक अध्ययन से सामने आई है। इसे इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (इसीमोड) के सहयोग से किया गया है। अध्ययन में मंडी, कुल्लू, सिरमौर और शिमला जिलों की 12 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। इन पंचायतों में किसान नई फसलें अपना रहे हैं और जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर रहे हैं। शोघी में राज्य की पहली ग्राम आपदा प्रबंधन समिति भी गठित की गई है। रिपोर्ट को शनिवार को हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अतिरिक्त सचिव निशांत ठाकुर ने जारी किया। इस अवसर पर डॉ. अमीना महर्जन और राजीव अहल भी उपस्थित थे। सीईईडब्ल्यू ने स्ट्रैटेजिक फोरसाइट पद्धति का उपयोग कर 25 अनुकूलन समाधान खोजे हैं। इन समाधानों को 30 से अधिक सरकारी नीतियों से मदद मिल सकती है।

विज्ञापन
Trending Videos

अनुकूलन के स्थानीय प्रयास
शिमला के संधू में 20 से अधिक परिवार प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं। कुल्लू के बजौरा में किसानों ने सेब की जगह जापानी फल की खेती शुरू की है। सिरमौर के परारा में लोगों ने लहसुन को सेब के साथ उगाना शुरू किया है। थाना कशोगा में महिला समूह 35 में से 5 बावड़ियों को पुनर्जीवित कर चुके हैं। शोघी पंचायत ने 2023 के भूस्खलन के बाद अपनी ग्राम आपदा प्रबंधन समिति बनाई है। ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा प्रबंधन और आगे की राह
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने 2026 में आपदा रक्षक योजना शुरू की है। अध्ययन में पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन समितियों को प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया गया है। एचपीएसडीएमए के निशांत ठाकुर ने कहा कि हाल की आपदाओं से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने पूर्व सक्रिय तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। सीईईडब्ल्यू की श्रेया वधावन ने स्थानीय चैंपियनों और सरकारी सहायता के संयोजन को महत्वपूर्ण बताया। इसीमोड की डॉ. अमीना महर्जन ने कहा कि अनुकूलन की शुरुआत ग्रामीणों से हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed