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भवन रेगुलर कराने को कर सकेंगे आवेदन
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:21 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में नियमों के तहत भवन निर्माण कर इन्हें नियमित करवाने का इंतजार कर रहे भवन मालिकों को नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के बीच निगम ने उन भवन मालिकों को राहत दी है, जिन्होंने बिना डेविएशन किए भवन तैयार कर लिए हैं। ये लोग अपना मकान नियमित करवाने के लिए नगर निगम की एपी शाखा में आवेदन कर सकते हैं। जांच के बाद यदि इनके मकान में कोई अवैध निर्माण या डेविएशन नहीं पाई जाती है तो नगर निगम इन्हें नियमित कर देगा। हालांकि, निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी सिर्फ उन्हीं भवनों को नियमित किया जाएगा जिनके नक्शे पास हैं। साथ ही जो भवन बिना डेविएशन या अवैध निर्माण के तैयार किए गए हैं। आर्किटेक्ट प्लानर डीके नाग ने बताया कि जिन लोगों के भवनों में अवैध निर्माण या डेविएशन नहीं की गई है, वे लोग नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। शहर में कई भवनमालिक ऐेसे हैं जिन्होंने नियमों के दायरे में रहकर मकान बनाए हैं और अब उन्हें नियमित करवाने की तैयारी कर रहे हैं।
नए नक्शे पास करने पर जारी रहेगी रोक
निगम ने शहर में अभी नए नक्शे पास करने पर रोक लगा रखी है। एनजीटी के फैसले के बाद निगम ने उन लोगों के नक्शों के आवेदन भी लौटा दिए हैं, जिन्हें डेढ़ से दो माह पहले आवेदन कर रखा था। इसके अलावा जिन भवनों के निर्माण में डेविएशन यानी अंतर आ रहा है, उन्हें भी अभी नियमित नहीं किया जाएगा। निगम 10 फीसदी डेविएशन तक वाले भवनों को पहले कंपाउंडिंग फीस वसूलकर नियमित कर देता था। लेकिन, एनजीटी के फैसले के बाद अभी तय नहीं हो पाया है कि डेविएशन के बदले कंपाउंडिंग फीस वसूलनी है या ग्रीन सेस।
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शिमला। शहर में नियमों के तहत भवन निर्माण कर इन्हें नियमित करवाने का इंतजार कर रहे भवन मालिकों को नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के बीच निगम ने उन भवन मालिकों को राहत दी है, जिन्होंने बिना डेविएशन किए भवन तैयार कर लिए हैं। ये लोग अपना मकान नियमित करवाने के लिए नगर निगम की एपी शाखा में आवेदन कर सकते हैं। जांच के बाद यदि इनके मकान में कोई अवैध निर्माण या डेविएशन नहीं पाई जाती है तो नगर निगम इन्हें नियमित कर देगा। हालांकि, निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी सिर्फ उन्हीं भवनों को नियमित किया जाएगा जिनके नक्शे पास हैं। साथ ही जो भवन बिना डेविएशन या अवैध निर्माण के तैयार किए गए हैं। आर्किटेक्ट प्लानर डीके नाग ने बताया कि जिन लोगों के भवनों में अवैध निर्माण या डेविएशन नहीं की गई है, वे लोग नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। शहर में कई भवनमालिक ऐेसे हैं जिन्होंने नियमों के दायरे में रहकर मकान बनाए हैं और अब उन्हें नियमित करवाने की तैयारी कर रहे हैं।
नए नक्शे पास करने पर जारी रहेगी रोक
निगम ने शहर में अभी नए नक्शे पास करने पर रोक लगा रखी है। एनजीटी के फैसले के बाद निगम ने उन लोगों के नक्शों के आवेदन भी लौटा दिए हैं, जिन्हें डेढ़ से दो माह पहले आवेदन कर रखा था। इसके अलावा जिन भवनों के निर्माण में डेविएशन यानी अंतर आ रहा है, उन्हें भी अभी नियमित नहीं किया जाएगा। निगम 10 फीसदी डेविएशन तक वाले भवनों को पहले कंपाउंडिंग फीस वसूलकर नियमित कर देता था। लेकिन, एनजीटी के फैसले के बाद अभी तय नहीं हो पाया है कि डेविएशन के बदले कंपाउंडिंग फीस वसूलनी है या ग्रीन सेस।
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