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कूड़ा उठाया नहीं, अब जनता से पैसे वसूल रहा एमसी
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:08 PM IST
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कूड़ा उठाए बिना ही जनता से फीस वसूल रहा एमसी
मई में ज्यादातर दिन हड़ताल पर थे सैहब कर्मचारी
शहर के बाशिंदों को खुद उठाना पड़ा था कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। घरों से कूड़ा न उठने के बावजूद शहरवासियों से मई महीने का गारबेज शुल्क वसूला जा रहा है। सैहब सोसायटी के सुपरवाइजर वार्डों में जाकर लोगों से मई का शुल्क वसूल रहे हैं।
सैहब सोसायटी के कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए शहर की जनता से अवैध वसूली की जा रही है। उधर, लोग सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब मई में घरों से कूड़ा उठा ही नहीं तो फीस किस बात की। मई में सैहब सोसायटी के कर्मचारी हड़ताल पर थे। लोगों को खुद ही घरों से कूड़ा उठाने को मजबूर होना पड़ा था। बाद में प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी काम पर लौटे, जिससे जनता को राहत मिली थी। अब सैहब सुपरवाइजर मई की भी पूरी फीस वसूल रहे हैं। कई वार्डों में तो लोगों से फीस वसूली भी जा चुकी है। न्यू शिमला, बीसीएस समेत कई इलाकों में आजकल वसूली चल रही है। लोगों से एक साथ छह माह का बिल वसूला जा रहा है। लोग परेशान हैं। निगम ने एक तो मई का बिल वसूल लिया, दूसरा एक साथ छह माह का बिल ले रहे हैं। ज्यादातर लोग मई के बिल का विरोध भी कर रहे हैं। लोग इस महीने का शुल्क नहीं दे रहे हैं। उधर, शुक्रवार को होने वाली मासिक बैठक में इस पर हंगामा होने के भी आसार हैं। कई पार्षदों ने निगम की इस वसूली को अवैध करार दे दिया है।
नगर निगम दे रहा यह तर्क
निगम प्रशासन तर्क दे रहा है कि भले ही घरों से कूड़ा न उठा हो, लेकिन कलेक्शन सेंटर से निगम ने कूड़ा उठाया है। स्वास्थ्य अधिकारी एचआर ठाकुर का कहना है कि निगम ने कलेक्शन सेंटर से नियमित कूड़ा उठाया था। हालांकि, हड़ताल के दौरान बनाए कई कलेक्शन प्वाइंट ऐसे थे जहां निगम की गाड़ियां हफ्ते बाद पहुंच रही थीं। यदि निगम बिल नहीं लेगा तो करीब चालीस लाख का घाटा हो जाएगा। ऐसे में पांच सौ से अधिक कर्मचारियों को तनख्वाह देना मुश्किल हो जाएगा।
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मेयर ने दिया चर्चा का भरोसा
मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि इस मामले पर यदि पार्षद चर्चा चाहते हैं तो इस पर विचार होगा। कहा अभी शुल्क कम करने या माफ करने पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
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मई में ज्यादातर दिन हड़ताल पर थे सैहब कर्मचारी
शहर के बाशिंदों को खुद उठाना पड़ा था कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। घरों से कूड़ा न उठने के बावजूद शहरवासियों से मई महीने का गारबेज शुल्क वसूला जा रहा है। सैहब सोसायटी के सुपरवाइजर वार्डों में जाकर लोगों से मई का शुल्क वसूल रहे हैं।
सैहब सोसायटी के कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए शहर की जनता से अवैध वसूली की जा रही है। उधर, लोग सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब मई में घरों से कूड़ा उठा ही नहीं तो फीस किस बात की। मई में सैहब सोसायटी के कर्मचारी हड़ताल पर थे। लोगों को खुद ही घरों से कूड़ा उठाने को मजबूर होना पड़ा था। बाद में प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी काम पर लौटे, जिससे जनता को राहत मिली थी। अब सैहब सुपरवाइजर मई की भी पूरी फीस वसूल रहे हैं। कई वार्डों में तो लोगों से फीस वसूली भी जा चुकी है। न्यू शिमला, बीसीएस समेत कई इलाकों में आजकल वसूली चल रही है। लोगों से एक साथ छह माह का बिल वसूला जा रहा है। लोग परेशान हैं। निगम ने एक तो मई का बिल वसूल लिया, दूसरा एक साथ छह माह का बिल ले रहे हैं। ज्यादातर लोग मई के बिल का विरोध भी कर रहे हैं। लोग इस महीने का शुल्क नहीं दे रहे हैं। उधर, शुक्रवार को होने वाली मासिक बैठक में इस पर हंगामा होने के भी आसार हैं। कई पार्षदों ने निगम की इस वसूली को अवैध करार दे दिया है।
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नगर निगम दे रहा यह तर्क
निगम प्रशासन तर्क दे रहा है कि भले ही घरों से कूड़ा न उठा हो, लेकिन कलेक्शन सेंटर से निगम ने कूड़ा उठाया है। स्वास्थ्य अधिकारी एचआर ठाकुर का कहना है कि निगम ने कलेक्शन सेंटर से नियमित कूड़ा उठाया था। हालांकि, हड़ताल के दौरान बनाए कई कलेक्शन प्वाइंट ऐसे थे जहां निगम की गाड़ियां हफ्ते बाद पहुंच रही थीं। यदि निगम बिल नहीं लेगा तो करीब चालीस लाख का घाटा हो जाएगा। ऐसे में पांच सौ से अधिक कर्मचारियों को तनख्वाह देना मुश्किल हो जाएगा।
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मेयर ने दिया चर्चा का भरोसा
मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि इस मामले पर यदि पार्षद चर्चा चाहते हैं तो इस पर विचार होगा। कहा अभी शुल्क कम करने या माफ करने पर कुछ नहीं कहा जा सकता।