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मेयर के साथ नाराज पार्षदों को मनाने में जुटे सरकार-संगठन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:39 PM IST
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महापौर के खिलाफ बगावत पर उतरे नाराज भाजपा पार्षदों को मनाने के लिए मेयर के साथ अब सरकार और संगठन को भी जोर लगाना पड़ रहा है। 29 जून से पहले नाराज पार्षदों के साथ बैठकों का दौर चल सकता है।
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केंद्रीय मंत्री के साथ पार्टी कार्यालय में होने वाली बैठक का बहिष्कार कर चुके इन पार्षदों को मनाने का जिम्मा मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जमवाल और संगठन मंत्री पवन राणा को सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार दोनों ही अपने स्तर पर इस मामले को सुलझाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में महापौर कुसुम सदरेट भी शुक्रवार को सचिवालय पहुंचीं। यहां सरकार के करीबी पदाधिकारियों से ताजा स्थिति को लेकर चर्चा की। भाजपा के कई पार्षद भी सचिवालय पहुंचे। हालांकि, महापौर और अधिकारियों के साथ इनकी बैठक नहीं हुई।
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सीएम ने कहा था जल्द सुलझाएंगे मामला
योग दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा था कि निगम में चल रहे विवाद को सुलझा लिया जाएगा। इसी कड़ी में प्रयास शुरू हो गए हैं। उधर, महापौर खुद अपने स्तर पर भी कई पार्षदों से बात कर चुकी हैं। पिछले तीन दिन में बैठक के लिए भी कई पार्षद बुलाए जा चुके हैं। लेकिन ये महापौर के साथ बैठक को नहीं पहुंच रहे।
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29 की बैठक पर टिकी नजरें
महापौर इससे पहले खलीनी और बैनमोर पार्षद से मिलने भी जा चुकी हैं। कई पार्षदों से फोन पर भी बात करने की कोशिश की गई है। लेकिन शिक्षा मंत्री को लिखित में पत्र सौंपने वाले ग्यारह पार्षदों में से ज्यादातर फिलहाल झुकने को तैयार नहीं। हालांकि, इनमें कुछेक पार्षद दबाव के चलते मेयर का साथ देने को तैयार हो सकते हैं। 29 जून को होने वाली मासिक बैठक से पहले पार्षदों को मेयर का साथ देने के लिए राजी करने के प्रयास चल रहे हैं।
मेयर ने मीडिया से भी बनाई दूरी
वहीं, नगर निगम में ताजा विवादों के चलते महापौर ने मीडिया से भी दूरी बना ली है। मीडिया के सवालों पर मेयर जवाब देने से बच रही हैं। उधर, कई विपक्षी पार्षदों ने पिछले एक माह से महापौर कार्यालय जाना बंद कर दिया है। भाजपा के कई अपने पार्षद भी अब निगम कार्यालय से दूरी बनाने लगे हैं।