{"_id":"5d013311bdec22070a1ab7d8","slug":"15603596871-shimla-news132","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता: सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल से बचें छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता: सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल से बचें छात्राएं
Thu, 13 Jun 2019 01:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 01:08 PM IST
विज्ञापन
अपराजिता कार्यक्रम शिमला
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के महिला सशक्तिकरण के तहत चलाए जा रहे अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान को लेकर बुधवार को सरस्वती विद्यामंदिर हिम रश्मि विकासनगर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
डीएसपी मुख्यालय प्रमोद शुक्ला ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत कर छात्राओं को सोशल मीडिया और विद्यार्थी जीवन विषय पर जानकारी दी। प्रधानाचार्य लेखराज ठाकुर ने अमर उजाला और पुलिस की छात्राओं को जागरूक करने की इस मुहिम की सराहना की।
विज्ञापन
जागरूकता कार्यक्रम में शामिल छात्राओं भावना, हिमांशी और रिया सहित सभी ने कार्यक्रम को उपयोगी बताया। डीएसपी प्रमोद शुक्ला ने कहा कि छात्र का मुख्य काम पढ़ाई करना है, सोशल मीडिया की एप्लीकेशन का अधिक इस्तेमाल विद्यार्थी के मन को भटकाता है।
विज्ञापन
इसका असर पढ़ाई पर पड़ता है। इंटरनेट का इस्तेमाल एक छात्र को सिर्फ अपने विषय से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए करना चाहिए। यदि सोशल मीडिया का प्रयोग करना है तो इसे अभिभावकों की निगरानी में किया जाना चाहिए।
विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। संभव हो तो आम मोबाइल इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में हर यूजर का प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। क्रिमिनल इसी के माध्यम से अपना शिकार खोजते हैं और उसे निशाना बनाते हैं।
सोशल मीडिया पर अपनी फोटो तक शेयर करने से गुरेज करना चाहिए। कहा कि किसी भी तरह के लॉटरी निकलने जैसे आकर्षक प्रलोभनों को नजरअंदाज करने में ही बेहतरी है।
छात्राओं को सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से संपर्क न बनाने, अपनी हर बात को अभिभावकों से साझा करने से परहेज करना चाहिए। छेड़छाड़ और पीछा करने जैसी किसी भी घटना की अभिभावकों और शिक्षकों की मदद से पुलिस को शिकायत करनी चाहिए। कहा कि वेब कैमरा और शापिंग मॉल के ट्राई रूम का इस्तेमाल करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
आपात स्थिति में इस्तेमाल करें यह नंबर
नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम के जारी 112 नंबर का किसी भी मुसीबत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गुड़िया हेल्प लाइन 1515 का इस्तेमाल करने और इसके लाभ के बारे में जानकारी दी।