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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   पर्यटन सीजन में ठप हो सकती है शहर की सफाई व्यवस्था

पर्यटन सीजन के बीच सैहब कर्मचारियों ने दी सामूहिक काम छोड़ने की चेतावनी

Sat, 08 Jun 2019 12:46 PM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Sat, 08 Jun 2019 12:46 PM IST
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पर्यटन सीजन में ठप हो सकती है शहर की सफाई व्यवस्था
फाइल फोटो

पर्यटन सीजन के बीच राजधानी में दस जून से सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है। तनख्वाह बढ़ाने की मांग कर रहे सैहब सोसायटी के सैकड़ों कर्मचारियों ने सोमवार को सामूहिक त्यागपत्र देने की चेतावनी दे दी है। कर्मचारी यूनियन ने आयुक्त को मांगपत्र सौंपते हुए दो दिन की मोहलत दी है। नौ जून को सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन भी शिमला पहुंच रहे हैं।

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यह नगर निगम और सैहब कर्मचारियों के साथ बैठक भी करेंगे। लेकिन इससे पहले ही सैहब कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी ने निगम को मुसीबत में डाल दिया है।
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सोसायटी अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि दो साल से निगम ने कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं बढ़ी है। पिछले महीने निगम ने तनख्वाह बढ़ाने का वायदा किया था। लेकिन इस बार बिना बढ़ोतरी किए तनख्वाह जारी कर दी है। कर्मचारी न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि कर्मचारी हड़ताल नहीं करेंगे बल्कि सामूहिक इस्तीफे निगम को सौंप देंगे।
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पर्यटन सीजन जोरों पर, कैसे होगी सफाई
राजधानी में इन दिनों पर्यटन सीजन जोरों पर है। रोजाना हजारों सैलानी मैदानी इलाकों की झुलसाती गर्मी से निजात पाने शिमला पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि सफाई व्यवस्था ठप होती है तो पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ेगा। बीते साल पेयजल संकट के चलते पर्यटन सीजन ठप हो गया था। इस बार अब सफाई का संकट मंडरा गया है।

पैसा है नहीं, कैसे बढ़ाएंगे तनख्वाह
कंगाली से जूझ रहे नगर निगम के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गारबेज फीस से निगम को हर माह 35 लाख की आय हो रही है जबकि कर्मचारियों की तनख्वाह पर 70 से 80 लाख खर्च हो रहे हैं। निगम हर महीने 40 लाख से अधिक रुपया अपने फंड से दे रहा है। अब यदि तनख्वाह बढ़ती है तो इसका पैसा देने का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में गारबेज फीस भी बढ़ाई जा सकती है जिसका बोझ जनता पर पड़ेगा।

उधर, सैहब सोसायटी ने कूड़ा शुल्क टैक्स के साथ वसूलने की मांग की है। सोसायटी का कहना है कि कई लोग शुल्क नहीं दे रहे। यदि यह टैक्स के साथ जुड़ता है तो हर घर से शुल्क मिलना संभव होगा। इससे आय बढ़ेगी और निगम पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। महापौर और कुछ पार्षद जिद छोड़े ताकि व्यवस्था सुधर सके।


जल्द होगी बैठक
नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने कहा कि सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन ने ज्ञापन सौंपा है जिसमें कर्मचारी तनख्वाह बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले पर सैहब कर्मचारियों के साथ बैठक की जाएगी।

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