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सस्ते होने के बावजूद भी फेल हो रही है प्रीपेड मीटर योजना
Thu, 23 May 2019 07:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2019 07:17 AM IST
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सस्ती होने के बावजूद भी बिजली बोर्ड की प्रीपेड मीटर लगाने की योजना फेल हो गई है। जुलाई 2018 के बाद बोर्ड के पास एक भी प्रीपेड मीटर लगाने के लिए आवेदन नहीं पहुंचे हैं। इस योजना के बारे में शहर के गिने चुने लोगों को ही पता है और जिन लोगों कोे प्रीपेड मीटर लगाने की योजना के बारे में पता चला वह लोग तो इसका फायदा ले रहें है और शहर के अन्य लोग इस योजना से बेखबर है।
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हालांकि यह मीटर पोस्ट पेड मीटरों से सस्ते है और सभी लोगों के लिए फायदे मंद भी है फिर भी शहर की आम जनता इन मीटरों को नहीं लगा पा रही है। यह मीटर उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदे मंद साबित हो रहें है जिनकी सबसे ज्यादा बिजली खर्च होती है।
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शहर के सभी सब डिविजन में करीब 218 मीटर लग पाए हैं। सबसे ज्यादा मीटर छोटा शिमला में लगाए हैं। हालांकि शहर के सभी क्षेत्रों में गिने चुने बिजली के मीटर लगाए हैं लेकिन अभी भी बोर्ड के पास करीब 8 मीटर शेष बचे है। लेकिन जुलाई 2018 से कोई भी उपभोक्ता इस मीटर के लिए आवेदन नहीं कर रहा है। शहर के इदगाह सब डिविजनमें 32 मीटर, रिज सब डिविजन में 46 मीटर, छोटा शिमला में 72 मीटर, संजौली में 45 मीटर, बालूगंज में 23 मीटर लगाए गए हैं।
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यहां करना होगा आवेदन
प्रीपेड मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता को ईदगाह सब डिविजन में आवेदन करना होगा। शहर में प्रीपेड मीटर लगाने के लिए बिजली बोर्ड ने ईदगाह सब डिविजन को चुना है। मीटर का बील और अन्य प्रकार की शिकायतें भी उपभोक्ता यहीं कर सकता है।
कूपन से होता है बिजली बिल का भुगतान
प्रीपेड मीटर के बिल का भुगतान बिजली इस्तेमाल करने से पहले देना होता है, इस मीटर में बिजली का एक कूपन खरीदना पड़ता है और उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल करना चाहता है उसी हिसाब से कूपन ले सकता है।
जुलाई 2018 से नहीं आए आवेदन
बिजली बोर्ड के एसडीओ ने बताया कि प्रीपेड मीटर सभी लोगों के लिए फायदे मंद हैं। शहर में करीब 218 मीटर ही लगे है और 8 मीटर शेष बचे हैं। मीटर को लगाने के लिए जुलाई 2018 से एक भी आवेदन नहीं आया है।