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एसएफआई का संजौली कॉलेज में प्रदर्शन
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज की लाइब्रेरी में छात्र इन दिनों ठिठुरने को मजबूर हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से लाइब्रेरी में हीटर तक की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इतना ही नहीं, टूटे शीशों तक की मरम्मत करवाने की अस्पताल प्रबंधन ने जहमत नहीं उठाई है। मंगलवार को इन समस्याओं को लेकर कॉलेज की एसएफआई इकाई ने धरना-प्रदर्शन किया। परिसर सचिव हैप्पी ठाकुर और अध्यक्ष शीतल ठाकुर ने बताया कि कॉलेज के क्लास रूम हवा महल बन गए हैं। टूटे कांचों के कारण सर्द हवा से छात्र बीमार हो रहे हैं। पिछले हफ्ते कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंप कर ये मांगें उठाई गई थीं, बावजूद इसके समस्याएं हल नहीं हुईं। परिसर उपाध्यक्ष अर्पित ठाकुर ने बताया कि रूसा प्रणाली छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। रूसा प्रणाली के चलते छात्रों से पुनर्मूल्यांकन और रिचेकिंग की सुविधा छीन ली गई है। नए नियम लागू कर गरीब तबके के छात्रों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। एसएफआई ने मांग उठाई है कि छात्रों को रिअपीयर की सुविधा तुरंत दी जानी चाहिए, जिससे छह महीने में ही छात्र पेपर दे सकें और पूरी साल का इंतजार न करना पड़े। इस अवसर पर महेश नेगी, सन्नी सेक्टा, अंकुश वर्मा, नितेश ठाकुर, प्रियंका नेगी, अनुजा मेहता, सोनम नेगी, सलोनी और रतन सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
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शिमला। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज की लाइब्रेरी में छात्र इन दिनों ठिठुरने को मजबूर हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से लाइब्रेरी में हीटर तक की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इतना ही नहीं, टूटे शीशों तक की मरम्मत करवाने की अस्पताल प्रबंधन ने जहमत नहीं उठाई है। मंगलवार को इन समस्याओं को लेकर कॉलेज की एसएफआई इकाई ने धरना-प्रदर्शन किया। परिसर सचिव हैप्पी ठाकुर और अध्यक्ष शीतल ठाकुर ने बताया कि कॉलेज के क्लास रूम हवा महल बन गए हैं। टूटे कांचों के कारण सर्द हवा से छात्र बीमार हो रहे हैं। पिछले हफ्ते कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंप कर ये मांगें उठाई गई थीं, बावजूद इसके समस्याएं हल नहीं हुईं। परिसर उपाध्यक्ष अर्पित ठाकुर ने बताया कि रूसा प्रणाली छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। रूसा प्रणाली के चलते छात्रों से पुनर्मूल्यांकन और रिचेकिंग की सुविधा छीन ली गई है। नए नियम लागू कर गरीब तबके के छात्रों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। एसएफआई ने मांग उठाई है कि छात्रों को रिअपीयर की सुविधा तुरंत दी जानी चाहिए, जिससे छह महीने में ही छात्र पेपर दे सकें और पूरी साल का इंतजार न करना पड़े। इस अवसर पर महेश नेगी, सन्नी सेक्टा, अंकुश वर्मा, नितेश ठाकुर, प्रियंका नेगी, अनुजा मेहता, सोनम नेगी, सलोनी और रतन सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।