हिमाचल के 150 कब्रिस्तानों पर दिए अवैध कब्जे
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हिमाचल प्रदेश में 150 से अधिक कब्रिस्तानों पर अवैध कब्जे हैं। नगर निगम शिमला ने कब्रिस्तान में सड़क बना दी है तो शिक्षा विभाग ने स्कूल तक खोल दिए हैं। सोमवार को राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में वक्फ बोर्ड की 400 से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे बताए गए हैं। शिमला सर्किल में सबसे अधिक 207 मामले चिह्नित किए गए हैं। उधर, हाईकोर्ट ने रिपोर्ट में भी कई खामियां पाई हैं।
हाईकोर्ट ने प्रार्थी से रिपोर्ट पर जवाब मांगा है। मामले की आगामी सुनवाई 24 नवंबर को होगी। प्रदेश सरकार ने सोमवार को वक्फ बोर्ड की भूमि और संपत्तियों पर अवैध कब्जों के मामले में हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की। सरकार के अनुसार प्रदेश में वक्फ बोर्ड की 400 से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के मामले सामने आए हैं। इसमें सबसे अधिक शिमला सर्किल में 207 मामले चिन्हित किए गए हैं।
शिमला नगर निगम ने कब्रिस्तान पर कब्जा कर बना डाली सड़क
सोलन सर्किल में 13, ऊना सर्किल में 53 और धर्मशाला सर्किल में 129 मामले सामने आए हैं। अधिकांश मामलों में वक्फ बोर्ड द्वारा कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार 150 से अधिक कब्जे कब्रिस्तान पर पाए गए हैं। शिमला नगर निगम ने भी संजौली के कब्रिस्तान में कब्जा कर सड़क का निर्माण किया है। शिक्षा विभाग ने भी कुछ कब्रिस्तानों पर कब्जा कर स्कूल खोले हैं। कब्रिस्तानों में सिविल अस्पताल, मंदिर, दुकानें तथा रिहायशी मकान बनाए गए हैं। रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वक्फ बोर्ड के पास कुल कितनी भूमि प्रदेश में है।
कितनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। वक्फ बोर्ड ये बताने में भी असफल रहा है कि उसके पास हिमाचल में कुल कितनी संपत्तियां हैं। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने रिपोर्ट का अवलोकन कर इसमें खामियां पाते हुए प्रार्थी इमरान खान से रिपोर्ट का जवाब देने को कहा है। मामले पर आगामी सुनवाई 24 नवंबर को होगी।