{"_id":"5936e8734f1c1b01758b4578","slug":"14967706911644-nahan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अनुमति धराशाही कर दिए 44 पेड़ : रमौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अनुमति धराशाही कर दिए 44 पेड़ : रमौल
Updated Tue, 06 Jun 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। नगर परिषद के क्षेत्र में दो स्थानों पर पेड़ों का कटान हुआ है। एक स्थान पर निजी भूमि से 44 पेड़ काटे गए। जबकि दूसरी जगह वन भूमि से तीन पेड़ धराशाही हुए। मामले की रिपोर्ट जब नगर परिषद के पास पहुंची तो एक मामला पुलिस तक भेज दिया, जबकि एक मामले में महज कंपाउंड की रस्म अदा कर औपचारिकता निभाई गई। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर रमौल ने नाहन में पत्रकार वार्ता के दौरान नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद भी नगर परिषद के अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। नगर परिषद को फरवरी व मई में दो स्थानों पर पेड़ काटने की शिकायत की थी। इन दोनों मामलों में नगर परिषद ने टाल-मटोल का रवैया अपनाया। शिकायत के बाद एक मामले में तो एफआईआर दर्ज की गई लेकिन दूसरे मामले में कंपाउंड कर दोषियों को छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले विला राउंड में 44 हरे पेड़ काटे गए थे। पेड़ काटने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। नगर परिषद से जब शिकायत की गई, तो शिकायत के बाद अधिकारियों ने मौके पर 43 पेड़ कटे पाए और यहां पर 15 हजार के करीब पत्थर निकाले गए थे। फोरेस्ट गार्ड ने भी मौके पर जांच के बाद इसकी रिपोर्ट नगर परिषद को सौंप दी लेकिन एफआईआर करने की बजाय नगर परिषद ने कंपाउंड की औपचारिकता निभाई।
विज्ञापन
रमौल ने कहा कि आरटीआई से जब उन्होंने सूचना मांगी तो साफ कहा गया कि पेड़ काटने के मामले में 71,387 और पत्थर निकालने के मामले में 199955 रुपये में कंपाउंड किए गए। मामला यहीं दब गया।
नगर परिषद के तहत आने वाले जुड्डा का जोहड़ में तीन पेड़ काटे गए। इस मामले में शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई। रमौल ने कहा कि खैर काटने के मामले में 31 मार्च को उन्होंने नगर परिषद से आरटीआई में सूचना मांगी थी लेकिन नगर परिषद द्वारा इस मामले में 17 अप्रैल को अज्ञात लोगों के खिलाफ पेड़ काटने का मामला दर्ज करवाया गया। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि हरे पेड़ काटने के मामले में छानबीन कर जल्द कार्रवाई की जाए।
उधर, इस संदर्भ में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि एमसी को कंपाउंड करने की शक्तियां है। जो कार्रवाई की गई वह नियमानुसार ही हुई है। जबकि दूसरे मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
--नगर परिषद ने कंपाउंड करवाकर निभाई औपचारिकता
--आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर रमौल ने उठाए सवाल
-----------------------
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। नगर परिषद के क्षेत्र में दो स्थानों पर पेड़ों का कटान हुआ है। एक स्थान पर निजी भूमि से 44 पेड़ काटे गए। जबकि दूसरी जगह वन भूमि से तीन पेड़ धराशाही हुए। मामले की रिपोर्ट जब नगर परिषद के पास पहुंची तो एक मामला पुलिस तक भेज दिया, जबकि एक मामले में महज कंपाउंड की रस्म अदा कर औपचारिकता निभाई गई। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर रमौल ने नाहन में पत्रकार वार्ता के दौरान नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद भी नगर परिषद के अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। नगर परिषद को फरवरी व मई में दो स्थानों पर पेड़ काटने की शिकायत की थी। इन दोनों मामलों में नगर परिषद ने टाल-मटोल का रवैया अपनाया। शिकायत के बाद एक मामले में तो एफआईआर दर्ज की गई लेकिन दूसरे मामले में कंपाउंड कर दोषियों को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले विला राउंड में 44 हरे पेड़ काटे गए थे। पेड़ काटने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। नगर परिषद से जब शिकायत की गई, तो शिकायत के बाद अधिकारियों ने मौके पर 43 पेड़ कटे पाए और यहां पर 15 हजार के करीब पत्थर निकाले गए थे। फोरेस्ट गार्ड ने भी मौके पर जांच के बाद इसकी रिपोर्ट नगर परिषद को सौंप दी लेकिन एफआईआर करने की बजाय नगर परिषद ने कंपाउंड की औपचारिकता निभाई।
विज्ञापन
रमौल ने कहा कि आरटीआई से जब उन्होंने सूचना मांगी तो साफ कहा गया कि पेड़ काटने के मामले में 71,387 और पत्थर निकालने के मामले में 199955 रुपये में कंपाउंड किए गए। मामला यहीं दब गया।
नगर परिषद के तहत आने वाले जुड्डा का जोहड़ में तीन पेड़ काटे गए। इस मामले में शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई। रमौल ने कहा कि खैर काटने के मामले में 31 मार्च को उन्होंने नगर परिषद से आरटीआई में सूचना मांगी थी लेकिन नगर परिषद द्वारा इस मामले में 17 अप्रैल को अज्ञात लोगों के खिलाफ पेड़ काटने का मामला दर्ज करवाया गया। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि हरे पेड़ काटने के मामले में छानबीन कर जल्द कार्रवाई की जाए।
उधर, इस संदर्भ में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि एमसी को कंपाउंड करने की शक्तियां है। जो कार्रवाई की गई वह नियमानुसार ही हुई है। जबकि दूसरे मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
--नगर परिषद ने कंपाउंड करवाकर निभाई औपचारिकता
--आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर रमौल ने उठाए सवाल
-----------------------