फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   रिज टैंक की दरारें भरने के लिए एक्सपर्ट की मदद लेगी कंपनी

रिज टैंक की दरारें भरने के लिए एक्सपर्ट की मदद लेगी कंपनी

Wed, 24 Apr 2019 12:26 PM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Wed, 24 Apr 2019 12:26 PM IST
विज्ञापन
रिज टैंक की दरारें भरने के लिए एक्सपर्ट की मदद लेगी कंपनी
- फोटो : अमर उजाला

शहर के मुख्य पेयजल टैंक रिज की मंगलवार को हुई सफाई के दौरान फिर से दरारें नजर आई हैं। हालांकि यह दरारें यथावत हैं लेकिन लोस चुनाव के दौरान रिज मैदान पर अगर चुनावी सभाएं होती हैं तो यह टैंक पर भारी पड़ सकती हैं। पेयजल कंपनी रिज टैंक में पड़ी दरारें ठीक करने के लिए अब विशेषज्ञों की मदद लेने जा रही है। इसके लिए जल्द टेंडर किया जाएगा है। मंगलवार को रिज टैंक की सफाई भी की गई।

विज्ञापन


कंपनी के एमडी धर्मेंद्र गिल ने कहा कि टैंक में पड़ी दरारें ज्यों की त्यों हैं। इनमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। लेकिन एहतियात के तौर पर टैंक की दरारें भरना जरूरी हैं। कहा कि जल्द ही इसके लिए टेंडर कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले ऐसी फर्मों और कंपनियों से बीड ली जाएगी जिन्हें पहले ऐसा काम करने का अनुभव है। इसके बाद इन्हीं कंपनियों में से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
विज्ञापन


काम में विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी ताकि टैंक को किसी तरह का नुकसान न हो। मंगलवार को टैंक की सफाई के अधिकारियों ने दोबारा इन दरारों का जायजा लिया। बाद में दावा किया कि फिलहाल इन दरारों से टैंक को कोई खतरा नहीं है। सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक टैंक की सफाई का काम चलता रहा। इस दौरान रिज पर पहुंचने वाले लोग भी टैंक को देखने के लिए इसके प्रवेश द्वार पर जमा हो गए। हालांकि, किसी को भी टैंक में जाने की अनुमति नहीं दी गई। टैंक की सफाई के दौरान इससे गाद बाहर निकाली गई। पिछले साल 12 अक्तूबर को भी टैंक की सफाई की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


1880 में बना था रिज टैंक
ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित यह टैंक राजधानी का सबसे पुराना टैंक हैं। इसे साल 1880 में पत्थर और चूने से तैयार किया गया था। मजबूती देने के लिए टैंक की दीवारें काफी मोटी बनाई गईं हैं। इस टैंक की जल भंडारण क्षमता करीब 45 लाख लीटर है। अंग्रेजों के जमाने के बने इस टैंक के अंदर कई छोटे टैंक हैं। पिछले साल जनवरी में टैंक की सफाई के दौरान इसके छत वाले हिस्से पर कुछ दरारें देखी गईं थीं। हालांकि, नगर निगम ने इसे नो व्हीकल जोन घोषित किया है, लेकिन रैलियों और सभाओं के चलते पड़ने वाले भार से यह धंस भी सकता है।


भारी पड़ सकती हैं रैलियां
रिज मैदान पर होने वाली रैलियां टैंक पर भारी पड़ सकती है। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रिज पर रैलियां आयोजित की जा सकती है। लेकिन लोगों की भीड़ से रिज पर पड़ने वाले बोझ से कभी भी हादसा हो सकता है। बाकायदा एसजेवीएनएल ने अपनी रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया है। निगम ने प्रशासन को भी यह रिपोर्ट भेजी है और रिज पर रैलियां न करवाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed