Shimla: परीक्षा पास कर निरक्षर से साक्षर बने 14,516 लोग
प्रदेश के 14,516 लोग परीक्षा पास कर निरक्षर से साक्षर बन गए हैं। ओपन बोर्ड की 150 अंकों की फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी असेसमेंट परीक्षा को इन्होंने पास कर लिया है।
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हिमाचल प्रदेश के 14,516 लोग परीक्षा पास कर निरक्षर से साक्षर बन गए हैं। ओपन बोर्ड की 150 अंकों की फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी असेसमेंट परीक्षा को इन्होंने पास कर लिया है। कम अंक लाने वाले 835 लोगों की अगले साल फिर परीक्षा होगी। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला में अब कोई निरक्षर नहीं रहा है। बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और ऊना जिला के लोग परीक्षा में पिछड़े हैं। परीक्षा पास नहीं करने वाले लोगों की इन जिलों में संख्या अधिक है। शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 22 सितंबर को पहली बार निरक्षर लोगों के लिए परीक्षा करवाई गई।
15 साल से 85 साल तक के ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है, लेकिन अब लिखना-पढ़ना भूल चुके हैं, को निरक्षर माना गया है। साक्षरता अभियान उल्लास में साक्षर होने की परिभाषा भी बदल दी गई है। अब सिर्फ हस्ताक्षर करने वालों को साक्षर नहीं माना जाता। हजार तक गिनती, जोड़-घटाव, गुणा, भाग के साथ ओपन बोर्ड की 150 अंकों की फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी असेसमेंट (एफएलनेट) की परीक्षा पास करने पर ही साक्षर बन सकते हैं। इसके अलावा नोट की पहचान और टेलीफोन का उपयोग आदि भी जांचा जाता है।
जिला परीक्षार्थी साक्षर निरक्षर
बिलासपुर 1330 1122 208
चंबा 2351 2349 02
हमीरपुर 446 439 07
कांगड़ा 2659 2499 160
किन्नौर 124 124 00
कुल्लू 1836 1777 59
लाहौल-स्पीति 185 185 00
मंडी 2315 2261 54
शिमला 884 867 17
सिरमौर 1012 939 73
सोलन 1565 1443 122
ऊना 644 511 133
कुल 15351 14516 835