हिमाचल में 172 बस हादसों में गई 138 लोगों की जान
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प्रदेश में बीते तीन साल के दौरान 172 बस हादसे हुए हैं। इन हादसों में 138 लोगों की मौत हुई। 70 लोगों की जान मौके पर गई। 28 की मौत अस्पताल जाते समय और 40 की मौत अस्पताल में दाखिल होने के बाद हुई।
विधायक राकेश सिंघा के सवाल पर परिवहन मंत्री ने लिखित में यह जवाब दिया। प्रदेश में बीते तीन साल के दौरान हुए 30 स्कूल बस हादसों में 35 बच्चों की जान गई जबकि 125 बच्चे घायल हुए हैं।
विधायक बलवीर सिंह के सवाल का लिखित जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने बताया कि स्कूल बस हादसों को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसकी अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।
चंबा में राशन की कमी से भूखों मरने जैसी कोई बात नहीं : आशा कुमारी
बजट चर्चा में भाग लेते हुए विधायक आशा कुमारी ने सत्तापक्ष पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने भरमौर और चुराह की दो पंचायतों में राशन खत्म होने और भूखों मरने की नौबत आने की बात की। सीएम जयराम ठाकुर स्थिति साफ करते हुए कहा कि चंबा जिले में राशन की कमी नहीं है। भूखों मरने जैसी बात नहीं है।
पांगी के एक गांव में ग्लेशियर गिर जाने से तीन मकानाें को नुकसान हुआ है लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। यहां रहने वाले लोग पहले ही सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा कि जिलाधीश ने एक टीम को वहां भेजा था। इसकी रिपोर्ट में साफ है कि वहां पर राशन की कोई कमी नहीं है।
नए और पुराने सदस्य भाषा में नियंत्रण रखें: धवाला
विधानसभा में बुधवार को बजट पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विधायक रमेश ध्वाला ने कहा किनए सदस्यों के साथ ही पुराने सदस्यों की भाषा में नियंत्रण होना चाहिए। बजट में सभी वर्गों का सुविधाएं दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से ईमानदारी की छाप छोड़ी है, उसी तरह प्रदेश में भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कोई भी व्यक्ति आसानी से उनसे मिल सकता है। सरकार रिसोर्स मोबलाइजेशन पर भी काम कर रही है। बजट में सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखा है।
उन्होंने विधायकों को नसीहत देते कहा कि वह सामाजिक दायित्वाें की पूर्ति करें और ऐसी छाप छोड़कर जाएं ताकि लोग सालों तक उन्हें याद रखें। जल्द ही सभी योजनाएं धरातल पर नजर आएगी, यह कहना गलत है कि सरकार ने कुछ नहीं किया है। उन्होंने बजट का समर्थन किया।
विधायक नंद लाल ने कहा कि सरकार के इस बजट में संसाधन जुटाने की कोई बात नहीं कही है। सरकार ने नई योजनाएं चलाने की बात कही। यह नहीं बताया कि उनके लिए पैसा कहां से आएगा। प्रदेश में रेल नेटवर्क को लेकर कोई सोच सरकार ने नहीं दिखाई है।
एयरपोर्ट के विकास की बात नहीं है। विधायक बलबीर सिंह ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने अपने संबोधन में वर्तमान बजट पर चर्चा न करते हुए 2022 की बात करते रहे।
उन्होंने मुकेश से पूछा कि उनके समय में कागज पर बजट नहीं बनता था, जो वह अब बजट को कागजी संसार की बात कह रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष सपनों की दुनिया में रह रहे है और छलांग मार कर पार्टी की एक नंबर सीट हासिल करना चाह रहे है।
रास्ते में हम कांटा नहीं है और यदि कहीं कांटा है, तो वह उनके दल में ही है। प्रतिस्पर्धा के तहत वह संभल कर छलांग मारे। विधायक पवन काजल ने कहा कि बजट में ओबीसी का बैकलाग भरने की बात भी की जाती तो बेहतर होता। पूर्व सरकार के दौरान चले कुछ विकास कार्य पूरे किए जाए।
किसानाें को कांटेदार दीवार के लिए 50 फीसदी उपदान
विधायक हीरा लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने एक साल के कार्यकाल में करसोग विस क्षे़त्र के तहत कई विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया। पीटीए व पैरा टीचराें के साथ दूसरे कई कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिए गए हैं। किसानाें को कांटेदार दीवार के लिए 50 फीसदी उपदान देगी।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि अपनी विस क्षेत्र की एक पंचायत का रिकार्ड जलाने का मामला उठाया और पूछ इस मामले में अब तक क्या हुआ। पर्यटन में प्रदेश पिछड़ रहा है। नीति धरातल पर कुछ दिखाई नहीं दे रहीं है।
पॉवर प्रोजेक्ट में चल रहे ब्लैक मेलिंग पर अंकुश लगा विद्युत सेक्टर को जिंदा किया जा सके। विधायक मुल्काराज ने कहा कि बजट में सबका साथ सबका विकास मूलमंत्र का अपनाते हुए हर वर्ग को राहत प्रदान की है।
सड़कों व पेयजल व्यवस्था सुधरी है। स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा मिला। विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इंसान को उतने ही पांव पसारने चाहिए, जितनी चादर हो। प्रदेश में बेरोजगारी की संख्या लगातार बढ़ रहीं है।
15 नई स्कीम की बात बजट में कहीं है, लेकिन क्या पिछले बजट की 30 योजनाएं धरातल पर उतरी है। प्रदेश में वनों की आग बड़ी समस्या है। छोटे कार्य बजट बुक में लिख जा रहे हे, जो सरकार के लिए शर्मनाक है।
डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड को माफिया ने गाड़ी से कुचलने का किया प्रयास: गोबिंद
वन मंत्री गोबिद ठाकुर ने बुधवार क सदन में कहा कि पांवटा साहिब में डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड को माफिया ने गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया। पांवटा पुलिस में मामला दर्ज किया गया है। अभी तक की जाँच में पुलिस ने एक संदिग्ध मुलजिम की पहचान कर ली गई है, जोकि हरियाणा का रहने वाला है।
गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है तथा दोषी को पकड़ने हेतु पुलिस की टीम छापामारी कर रही है। वन विभाग द्वारा नजदीकी वन क्षेत्र सतीवाला में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जंगल में निरीक्षण करने पर अभी तक खैर के दो पेड़ कटे पाए गए जिनका बाजार मूल्य लगभग 65 हजार रुपए है।
मंत्री ने कहा कि गत 12 फरवरी, 2019 को सुबह 2 बजे रघुबीर सरन, डिप्टी रेंजर बहराल ब्लॉक माजरा रेंज को सतीवाला माजरा वन परिक्षेत्र पांवटा साहिब वन मंडल में स्थित खैर के वन की तरफ जाते हुए एक वाहन दिखाई पड़ने की सूचना मिली थी।
खैर वन में कटान रोकने की मंशा से डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड अमरीक सिंह बीट सतीवाला अपने निजी वाहन से सतीवाला की तरफ रवाना हुए। जहां सतीवाला गांव के नजदीक उन्हें वन क्षेत्र की तरफ से तेज गति से आती हुई एक पिक अप गाड़ी दिखाई पड़ी।