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निगम के दावे हवा, अब अप्रैल तक देना पड़ेगा फ्लैट रेट पर बिल
Updated Tue, 06 Feb 2018 09:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की लेटलतीफी शहर के 24 हजार उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। शहरवासियों को अब अप्रैल महीने तक फ्लैट रेट पर ही पानी के बिल भरने पड़ेंगे। नगर निगम अभी तक मीटर रीडिंग का काम किसी कंपनी को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है। हालांकि, इसके टेंडर खुल गए हैं, लेकिन निगम का कहना है कि इसके मूल्यांकन के बाद ही काम अवॉर्ड किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक यह काम आउटसोर्स हो जाएगा। बावजूद लोगों को फरवरी और मार्च की तरह अप्रैल का बिल भी फ्लैट रेट पर भरना पड़ सकता है।
शहरवासियों को प्रतिमाह करीब 390 रुपये पानी बिल के भरने होंगे। शहर में करीब 24 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं जिन्हें नए मीटर लगाकर रीडिंग के आधार पर बिल जारी किए जाने हैं। अभी तीन हजार से अधिक नए मीटर लगने बाकी हैं। कसुम्पटी एरिया समेत कई वार्ड ऐसे हैं जहां सैकड़ों पुराने मीटर बदले जाने बाकी हैं। सभी वार्डों में नए मीटर लगने के बाद ही मीटर रीडिंग की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। निगम अभियंता विजय गुप्ता का कहना है कि इस माह के अंत तक काम अवॉर्ड हो जाएगा। शहरवासियों को जल्द राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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घर-घर रीडिंग लेने में लग जाएगा वक्त
मीटर रीडिंग पर पानी के बिल देने के लिए सबसे पहले घर- घर जाकर मीटरों से शुरुआती रीडिंग लेनी होगी। कई वार्डों में नए मीटरों को लगाए आठ माह बीत चुके हैं। इनमें अब तक काफी रीडिंग भी आ चुकी है। निगम प्रशासन का कहना है कि पहले कर्मचारी घर जाकर शुरुआती रीडिंग लेंगे। इसके बाद इसे आधार यानि शून्य माना जाएगा। ये रीडिंग लेने के महीने बाद जो नई रीडिंग आएगी, उसके आधार पर पानी बिल जारी किया जाएगा।
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सितंबर से था फ्लैट रेट खत्म करने का दावा
नगर निगम ने पिछले साल सितंबर से फ्लैट रेट खत्म करने का दावा किया था। लेकिन अब पांच माह बाद भी लोगों को फ्लैट रेट पर बिल थमाए जा रहे हैं। इसका बोझ छोटे परिवारों पर पड़ रहा है जिन्हें कम पानी खर्च करने के बावजूद बाकियों की तरह एक समान बिल भरना पड़ रहा है।
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शिमला। नगर निगम की लेटलतीफी शहर के 24 हजार उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। शहरवासियों को अब अप्रैल महीने तक फ्लैट रेट पर ही पानी के बिल भरने पड़ेंगे। नगर निगम अभी तक मीटर रीडिंग का काम किसी कंपनी को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है। हालांकि, इसके टेंडर खुल गए हैं, लेकिन निगम का कहना है कि इसके मूल्यांकन के बाद ही काम अवॉर्ड किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक यह काम आउटसोर्स हो जाएगा। बावजूद लोगों को फरवरी और मार्च की तरह अप्रैल का बिल भी फ्लैट रेट पर भरना पड़ सकता है।
शहरवासियों को प्रतिमाह करीब 390 रुपये पानी बिल के भरने होंगे। शहर में करीब 24 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं जिन्हें नए मीटर लगाकर रीडिंग के आधार पर बिल जारी किए जाने हैं। अभी तीन हजार से अधिक नए मीटर लगने बाकी हैं। कसुम्पटी एरिया समेत कई वार्ड ऐसे हैं जहां सैकड़ों पुराने मीटर बदले जाने बाकी हैं। सभी वार्डों में नए मीटर लगने के बाद ही मीटर रीडिंग की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। निगम अभियंता विजय गुप्ता का कहना है कि इस माह के अंत तक काम अवॉर्ड हो जाएगा। शहरवासियों को जल्द राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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घर-घर रीडिंग लेने में लग जाएगा वक्त
मीटर रीडिंग पर पानी के बिल देने के लिए सबसे पहले घर- घर जाकर मीटरों से शुरुआती रीडिंग लेनी होगी। कई वार्डों में नए मीटरों को लगाए आठ माह बीत चुके हैं। इनमें अब तक काफी रीडिंग भी आ चुकी है। निगम प्रशासन का कहना है कि पहले कर्मचारी घर जाकर शुरुआती रीडिंग लेंगे। इसके बाद इसे आधार यानि शून्य माना जाएगा। ये रीडिंग लेने के महीने बाद जो नई रीडिंग आएगी, उसके आधार पर पानी बिल जारी किया जाएगा।
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सितंबर से था फ्लैट रेट खत्म करने का दावा
नगर निगम ने पिछले साल सितंबर से फ्लैट रेट खत्म करने का दावा किया था। लेकिन अब पांच माह बाद भी लोगों को फ्लैट रेट पर बिल थमाए जा रहे हैं। इसका बोझ छोटे परिवारों पर पड़ रहा है जिन्हें कम पानी खर्च करने के बावजूद बाकियों की तरह एक समान बिल भरना पड़ रहा है।