इस पेपर को देखकर उड़े शिक्षकों के भी होश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के ऐन वक्त पर लिए गए फैसले ने शिमला के रामपुर स्कूल (छात्रा) प्रबंधन के होश उड़ा दिए हैं। राजधानी शिमला के पोर्टमोर स्कूल से यहां अचानक पेपरों के बंडल चेकिंग के लिए भेज दिए गए हैं। ऐसे अब शिक्षक इन आसंरशीट को चैकिंग की बात सुनकर ही घबरा गए हैं।
प्रबंधन का तर्क है कि इसकी सूचना तक उन्हें पहले नहीं दी गई। स्कूल में स्टाफ की दिक्कत और ऐसे में सवाल यह उठता है कि पेपर कैसे चेक होंगे।
बताया जा रहा है कि आननफानन में रामपुर स्कूल को पेपर चेकिंग सेंटर में तबदील कर दिया है।
रामपुर छात्रा स्कूल के प्रधानाचार्य पवन सोनी ने कहा कि बिना पूर्व सूचना दिए विभाग ने आठवीं कक्षा के तेरह हजार पेपर चेकिंग के लिए भेज दिए हैं। स्कूल में पहले ही शिक्षकों की कमी चल रही है। ऐसे में इस काम पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
चैकिंग के लिए पहुंची 13 हजार आसंरशीट
इसकी सूचना स्कूल को नहीं थी। करीब 13 हजार आंसरशीट चेकिंग के लिए पहुंची हैं। जैसे ही बंडल स्कूल में पहुंचे। इन्हें देखकर स्कूल प्रबंधन के हाथ पांव फूल गए। इस स्कूल को अभी तक मूल्यांकन केंद्र नहीं बनाया गया था।
यहां पर कभी पेपर चेक नहीं हुए हैं। रामपुर क्षेत्र के स्कूलों में 3 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं और शिक्षकों को सिलेबस भी पूरा करना है।
ऐसे में शिक्षकों के समक्ष संकट यह है कि वह कक्षाओं में सिलेबस पूरा करें या फिर पेपर चेकिंग के काम में जुटें। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा. मोहन लाल गौतम और सदस्य कृष्ण कुमार शर्मा ने शिक्षा विभाग से शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों के शिक्षकों से पेपरों की चेकिंग करवाने की मांग की है।