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Updated Thu, 28 Sep 2017 11:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। बालिका आश्रमों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर उपायुक्त चंबा ने आश्रमों में महिला कर्मचारियों की तैनाती किए जाने की प्रदेश बाल कल्याण परिषद से सिफारिश की है। जिले में तीन बालिका आश्रम हैं। इनमें चंबा, चिल्ली और पांगी शामिल हैं। पांगी और चंबा में महिला स्टाफ तैनात है। चिल्ली में ही पुरुष कर्मचारियों का स्टाफ तैनात था। जिसे अब बदल दिया गया है। सुरक्षा के लिए लिहाज से महिला गृहरक्षकों की तैनाती की जा चुकी है। उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रशासन ने बालिका आश्रमों में महिला कर्मचारियों को तैनात करने की सिफारिश की है। वहीं दूसरी ओर मानसिक रूप से कमजोर छात्रा को बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर बच्ची को उपचार दिया जाएगा। इसके लिए इकाई प्रयास कर रही है। उपायुक्त चंबा सुदेश मोख्टा ने कहा कि बालिका आश्रमों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर महिला कर्मचारियों की तैनाती किए जाने बारे हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद से सिफारिश की है।
चिल्ली नहीं चंबा में हो बच्चों की देखरेख : अभिभावक
इस मामले के बाद अभिभावकों ने जिला बाल संरक्षण इकाई को एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें यह आग्रह किया गया कि चिल्ली में जो उनकी बच्चियां रह गई हैं। उन्हें चंबा स्थित देख-रेख संस्थान में प्रवेश दिलाया जाए। इस मामले के बाद अभिभावक काफी सहमे हुए हैं।
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चंबा। बालिका आश्रमों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर उपायुक्त चंबा ने आश्रमों में महिला कर्मचारियों की तैनाती किए जाने की प्रदेश बाल कल्याण परिषद से सिफारिश की है। जिले में तीन बालिका आश्रम हैं। इनमें चंबा, चिल्ली और पांगी शामिल हैं। पांगी और चंबा में महिला स्टाफ तैनात है। चिल्ली में ही पुरुष कर्मचारियों का स्टाफ तैनात था। जिसे अब बदल दिया गया है। सुरक्षा के लिए लिहाज से महिला गृहरक्षकों की तैनाती की जा चुकी है। उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रशासन ने बालिका आश्रमों में महिला कर्मचारियों को तैनात करने की सिफारिश की है। वहीं दूसरी ओर मानसिक रूप से कमजोर छात्रा को बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर बच्ची को उपचार दिया जाएगा। इसके लिए इकाई प्रयास कर रही है। उपायुक्त चंबा सुदेश मोख्टा ने कहा कि बालिका आश्रमों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर महिला कर्मचारियों की तैनाती किए जाने बारे हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद से सिफारिश की है।
चिल्ली नहीं चंबा में हो बच्चों की देखरेख : अभिभावक
इस मामले के बाद अभिभावकों ने जिला बाल संरक्षण इकाई को एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें यह आग्रह किया गया कि चिल्ली में जो उनकी बच्चियां रह गई हैं। उन्हें चंबा स्थित देख-रेख संस्थान में प्रवेश दिलाया जाए। इस मामले के बाद अभिभावक काफी सहमे हुए हैं।
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