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हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद अब मेयर के साथ केरल जाएंगे 22 पार्षद
Updated Wed, 31 Jan 2018 09:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पार्षदों के केरल दौरे को लेकर मचे घमासान के बीच मंगलवार को भी नगर निगम कार्यालय में खूब ड्रामा चला। मेयर के केरल न जाने की सूचना मिलते ही कुछ पार्षदों ने सुबह साढ़े दस बजे ही मेयर ऑफिस में डेरा डाल दिया।
मेयर के बिना वे पार्षद भी केरल जाने से इनकार करने लगे जो पहले उनके साथ जाने के लिए सामान तक पैक करवा चुके थे। वहीं, डिप्टी मेयर समेत 13 पार्षद पहले ही निजी कारणों से दौरे में शामिल न होने की बात कह चुके थे। ऐसे में दौरे पर ही संकट मंडरा गया। दोपहर तक खुद निगम आयुक्त रोहित जम्वाल को मेयर के जाने को लेकर जानकारी नहीं मिली थी। आयुक्त ने दोपहर तीन बजे तक पार्षदों की लिस्ट तैयार करने को कहा। कर्मचारियों ने शुरुआती लिस्ट बनाई। इसमें मेयर, डिप्टी मेयर का नाम नहीं था। आयुक्त ने यह लिस्ट बदलवाई और वार्ड वाइज हर पार्षद के नाम और हस्ताक्षर लेने को कहा। लिस्ट लेकर अफसर सबसे पहले मेयर के दफ्तर में गए लेकिन मेयर ने पहले इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। यहां पार्षद आरती चौहान, आशा शर्मा, राकेश चौहान और पूर्ण मल ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए।
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दफ्तर बुलाकर करवाए पार्षदों के हस्ताक्षर
सभी पार्षदों को खुद निगम कार्यालय आकर लिस्ट पर हस्ताक्षर करने को कहा गया ताकि पता चल सके कि कितने लोग दौरे के लिए तैयार है। दोपहर साढ़े 12 बजे तक एक एक कर पार्षद निगम कार्यालय पहुंचे और लिस्ट पर हस्ताक्षर किए। दौरे के लिए कम से कम 17 पार्षद जरूरी थे। ऐसे में पार्षद एक दूसरे को फोन कर राजी करने में भी लग गए। इसी दौरान पार्षदों ने सरकार और शहरी विकास विभाग से बात कर मेयर को भी दौरे पर भेजने की बात कही। पार्षदों के कहने के बाद मेयर ने भी करीब एक बजे लिस्ट पर हस्ताक्षर कर दिए।
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नहीं होना था दूसरा दौरा, काटने पड़े अफसरों के नाम
शहरी विकास विभाग से पार्षदों को जानकारी मिल चुकी थी कि अमृत मिशन के तहत दूसरा दौरा होना ही नहीं है। ऐसे में अफसरों के नाम काटकर पार्षदों का ही एक ग्रुप बनाया गया। पहले मेयर के निजी सचिव, एसडीओ समेत आधा दर्जन अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम लिस्ट में थे। इन्हें बाहर किया गया।
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देर रात केरल रवाना, पांच फरवरी को वापसी
आखिरकार मेयर समेत 21 पार्षद देर रात करीब दस बजे वॉल्वो बस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बुधवार को सभी दिल्ली से केरल के लिए फ्लाइट लेंगे। इनके अलावा अमृत मिशन से जुड़े दो कर्मचारी भी केरल गए हैं। केरल जाने वालों में मेयर कुसुम सदरेट, तनुजा चौधरी, संजीव ठाकुर, सुनील धर, दिवाकर शर्मा, आनंद कौशल, जगजीत सिंह बग्गा, बिट्टू कुमार, सुषमा कुठियाला, अर्चना धवन, किमी सूद, आरती चौहान, कमलेश मेहता, शैलेंद्र चौहान, राकेश चौहान, विदुशी शर्मा, रचना, रेणु चौहान, आशा शर्मा, कुसुुमलता ठाकुर और पूर्ण मल शामिल है। सभी एक से तीन फरवरी तक केरल के इंनवायरनमेंट एंड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण लेंगे। चार फरवरी को कन्याकुमारी घूमने का प्लान है। पांच को सभी वापस लौट आएंगे।
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शिमला। पार्षदों के केरल दौरे को लेकर मचे घमासान के बीच मंगलवार को भी नगर निगम कार्यालय में खूब ड्रामा चला। मेयर के केरल न जाने की सूचना मिलते ही कुछ पार्षदों ने सुबह साढ़े दस बजे ही मेयर ऑफिस में डेरा डाल दिया।
मेयर के बिना वे पार्षद भी केरल जाने से इनकार करने लगे जो पहले उनके साथ जाने के लिए सामान तक पैक करवा चुके थे। वहीं, डिप्टी मेयर समेत 13 पार्षद पहले ही निजी कारणों से दौरे में शामिल न होने की बात कह चुके थे। ऐसे में दौरे पर ही संकट मंडरा गया। दोपहर तक खुद निगम आयुक्त रोहित जम्वाल को मेयर के जाने को लेकर जानकारी नहीं मिली थी। आयुक्त ने दोपहर तीन बजे तक पार्षदों की लिस्ट तैयार करने को कहा। कर्मचारियों ने शुरुआती लिस्ट बनाई। इसमें मेयर, डिप्टी मेयर का नाम नहीं था। आयुक्त ने यह लिस्ट बदलवाई और वार्ड वाइज हर पार्षद के नाम और हस्ताक्षर लेने को कहा। लिस्ट लेकर अफसर सबसे पहले मेयर के दफ्तर में गए लेकिन मेयर ने पहले इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। यहां पार्षद आरती चौहान, आशा शर्मा, राकेश चौहान और पूर्ण मल ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए।
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दफ्तर बुलाकर करवाए पार्षदों के हस्ताक्षर
सभी पार्षदों को खुद निगम कार्यालय आकर लिस्ट पर हस्ताक्षर करने को कहा गया ताकि पता चल सके कि कितने लोग दौरे के लिए तैयार है। दोपहर साढ़े 12 बजे तक एक एक कर पार्षद निगम कार्यालय पहुंचे और लिस्ट पर हस्ताक्षर किए। दौरे के लिए कम से कम 17 पार्षद जरूरी थे। ऐसे में पार्षद एक दूसरे को फोन कर राजी करने में भी लग गए। इसी दौरान पार्षदों ने सरकार और शहरी विकास विभाग से बात कर मेयर को भी दौरे पर भेजने की बात कही। पार्षदों के कहने के बाद मेयर ने भी करीब एक बजे लिस्ट पर हस्ताक्षर कर दिए।
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नहीं होना था दूसरा दौरा, काटने पड़े अफसरों के नाम
शहरी विकास विभाग से पार्षदों को जानकारी मिल चुकी थी कि अमृत मिशन के तहत दूसरा दौरा होना ही नहीं है। ऐसे में अफसरों के नाम काटकर पार्षदों का ही एक ग्रुप बनाया गया। पहले मेयर के निजी सचिव, एसडीओ समेत आधा दर्जन अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम लिस्ट में थे। इन्हें बाहर किया गया।
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देर रात केरल रवाना, पांच फरवरी को वापसी
आखिरकार मेयर समेत 21 पार्षद देर रात करीब दस बजे वॉल्वो बस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बुधवार को सभी दिल्ली से केरल के लिए फ्लाइट लेंगे। इनके अलावा अमृत मिशन से जुड़े दो कर्मचारी भी केरल गए हैं। केरल जाने वालों में मेयर कुसुम सदरेट, तनुजा चौधरी, संजीव ठाकुर, सुनील धर, दिवाकर शर्मा, आनंद कौशल, जगजीत सिंह बग्गा, बिट्टू कुमार, सुषमा कुठियाला, अर्चना धवन, किमी सूद, आरती चौहान, कमलेश मेहता, शैलेंद्र चौहान, राकेश चौहान, विदुशी शर्मा, रचना, रेणु चौहान, आशा शर्मा, कुसुुमलता ठाकुर और पूर्ण मल शामिल है। सभी एक से तीन फरवरी तक केरल के इंनवायरनमेंट एंड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण लेंगे। चार फरवरी को कन्याकुमारी घूमने का प्लान है। पांच को सभी वापस लौट आएंगे।