विश्व बैंक को दिलाया विश्वास, रफ्तार पकड़ेगा बागवानी प्रोजेक्ट, जल्द होंगी भर्तियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में 1134 करोड़ का बागवानी प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ेगा। प्रोजेक्ट की कार्य प्रगति की बराबर समीक्षा की जाती रहेगी, जिससे इसका लाभ बागवानों को बराबर मिलता रहे। हर हफ्ते समीक्षा होगी और इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक कमेटी भी गठित कर दी गई है। राज्य सरकार ने विश्व बैंक को ऐसा भरोसा दिलाया है।
विश्व बैंक की 1134 करोड़ की वित्तीय मदद से बागवानी विकास का प्रोजेक्ट दस साल की अवधि के लिए चलाया गया है। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। अभी तक ज्यादा संतोषजनक कार्य नहीं हुआ है। जो लाखों सेब के पौधे बागवानों के लिए खरीदे गए थे, उनमें से तीस फीसदी पौधे सूखे निकले। वर्तमान समय में भी सेब के कई पौधे कोल्ड स्टोर में रखे गए हैं। इस पूरे मामले पर विश्व बैंक बराबर नजर रखे हुए है।
प्रोजेक्ट चलाने को भरे जाएंगे 40 पद
बागवानी विकास के करोड़ों के इस प्रोजेक्ट पर किसी प्रकार की कोई आंच न आए। इसे ध्यान में रखकर सरकार ने विश्व बैंक को अपने अधिकारियों के माध्यम से अवगत करवा दिया है कि बागवानी विकास के प्रोजेक्ट के काम में सरकार तेजी लाएगी। हर हफ्ते इस दिशा में कमेटी समीक्षा भी करेगी।
राज्य सरकार 1134 करोड़ के प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक चलाने के लिए विभिन्न वर्गों के चालीस पदों को शीघ्र भरेगी। इनमें जेई, इंजीनियर, बागवानी क्षेत्र से संबंधित अधिकारियों और अन्य पदों को भरा जाएगा।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि विश्व बैंक को भरोसा दिलाया गया है कि बागवानी विकास के प्रोजेक्ट के तहत तेजी से काम किया जाएगा। सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी हर हफ्ते प्रोजेक्ट के तहत किए कामों की समीक्षा भी करेगी।