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चम्याणा में बनेगा सबसे बड़ा ट्रामा सेंटर, इसलिए लिया फैसला
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। हिमाचल का सबसे बड़ा ट्रामा सेंटर चम्याणा में बनेगा। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) की निर्माणाधीन ओपीडी भवन की तीन मंजिलों में ट्रामा इमरजेंसी बनेगी। शिमला और ऊपरी शिमला और आसपास में हादसे में घायल मरीजों का उपचार इमरजेंसी किया जाएगा। इसके बाद मरीजों को चम्याणा ट्रामा सेंटर शिफ्ट किया जाएगा। अगर नेशनल हाइवे या अन्य राज्य मार्गों में बड़ा हादसा होता है तो घटनास्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के बाद मरीज सीधे चम्याणा उपचार के लिए ले जाए जाएंगे।
चम्याणा में आईजीएमसी का दूसरा विंग स्थापित होगा। इसके साथ ही यह ट्रामा सेंटर का निर्माण किया जाएगा। जहां यह निर्माण कार्य होना है वहां विभाग के पास करीब 163 बीघा जमीन है। प्रदेश सरकार का मानना है कि आईजीएमसी व अस्पताल को जाने वाली सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाने से और ट्रैफिक बढ़ सकता है। वैसे भी ट्रामा सेंटर नेशनल हाइवे या राज्य मार्ग के किनारे होना चाहिए। जिससे मरीजों को आसानी से सेंटर तक पहुंचाया जा सकता है। इस ट्रामा सेंटर में हड्डियों, सर्जरी आदि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती होगी। इस तरह से यह अस्पताल ही होगा।
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चम्याणा में ट्रामा सेंटर बनाने का फैसला लिया गया है। एनएच के किनारे विभाग के पास काफी जगह है। जहां इसे बेहतर तरीके से स्थापित किया जाएगा। सरकार की ओर से इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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- विपिन परमार, स्वास्थ्य मंत्री
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आईजीएमसी की ओपीडी वार्ड में ट्रामा इमरजेंसी बनेगी। ओपीडी भवन का निर्माण कार्य जोरों से जल रहा है जल्द ही इसे स्वास्थ्य विभाग के हेंडओवर किया जाएगा।
- अनिल खाची, एसीएस लोनिवि।