मधुमक्खियों के हमले में 11 साल के मासूम की मौत, दादा घायल
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अपने दादा के साथ खेतों में काम कर बच्चे की मधुमक्खियों के हमले में जान चली गई। वहीं, इसके दादा की हालत भी गंभीर बनी हुई है। मामला हिमाचल के नालागढ़ की है। यहां सौड़ी गांव में रंगड़ों (मधुमक्खियों) के हमले से 11 वर्षीय मासूम की मौत हो गई।
बालक का दादा बुरी तरह जख्मी है। घटना से सौड़ी गांव में मातम छाया हुआ है। बताया जा रहा है कि रंगड़ों के हमले से पोते को बचाने के लिए दादा ने काफी संघर्ष किया और पोते को छुड़ाने में कामयाब भी हुए।
लेकिन घायल पोते की पीएचसी साई में प्राथमिक उपचार के बाद नालागढ़ ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। दादा की हालत खतरे से बाहर है। प्रशासन की ओर से तहसीलदार बद्दी नारायण चौहान ने मामले की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
खेतों में काम करते वक्त हुआ हमला, बचाने में घायल हुआ दादा
पुलिस के अनुसार अमन (11) पुत्र दिला राम निवासी गांव सौड़ी बुधवार देर शाम अपने दादा रतिराम के साथ खेतों में काम कर रहा था। तभी अचानक 30-40 रंगड़ों ने अमन पर हमला बोल दिया। अमन के दादा ने उसे बचाने की बहुत कोशिश की।
इसमें रतिराम भी घायल हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद अमन को रंगड़ों के चंगुल से बचाकर पीएचसी साई में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। यहां चिकित्सकों ने अमन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे नालागढ़ अस्पताल रेफर कर दिया।
लेकिन नालागढ़ पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम अमन ने दम तोड़ दिया। पंचायत सौड़ी की प्रधान राजेंद्र कौर ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे से पूरा गांव स्तब्ध है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
पीड़ित परिवार को दिलाएंगे मुआवजा : तहसीलदार
तहसीलदार बद्दी नारायण चौहान ने बताया कि प्रशासन की ओर से हादसे की रिपोर्ट बनाने के आदेश जारी किए हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। अगर परिवार फौरी राहत की मांग करता है तो परिवार को फौरी राहत भी मुहैया करवाई जाएगी। तहसीलदार नारायण चौहान ने दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया।