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आईजीएमसी से 11 विशेषज्ञ डॉक्टर नाहन और मंडी भेजे, मरीज भी हो सकते हैं परेशान

Mon, 05 Feb 2018 09:51 AM IST
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 05 Feb 2018 09:51 AM IST
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11 specialist doctor of igme transferred to mandi and nahan

प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी में तैनात 11 डॉक्टरों को नाहन और मंडी मेडिकल कॉलेज में एक साल के लिए भेजा है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी फिजिशियन डॉ. प्रेम मच्छान का नाम भी शामिल हैं। 

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उन्हें नाहन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इनके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण भारद्वाज, आर्थो विभाग से डॉ. राजेश सूद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भगतराम, रेडियोलॉजी विभाग से प्रोफेसर विजय ठाकुर, पैथोलॉजी विभाग से डॉ. पूजा, साइकोलॉजी से
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डॉक्टर तूलिका श्रीवास्तव को नाहन मेडिकल कॉलेज और मंडी मेडिकल कॉलेज के लिए तब्दील किया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों को एक साल के लिए भेजने से आईजीएमसी में परेशानी हो सकती है।
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आईजीएमसी में प्रभावित हो सकता है काम

11 specialist doctor of igme transferred to mandi and nahan

प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी से इतने डॉक्टरों के चले जाने से विभागों समेत ओपीडी का काम भी प्रभावित होगा। ये डॉक्टर सालों से यहां सेवाएं दे रहे थे। नए मेडिकल कॉलेज चलाने के चक्कर में पुराने कॉलेज और अस्पताल का कार्य प्रभावित होने का अंदेशा है।

डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को नए मेडिकल कॉलेज खोलने से पहले पुराने कॉलेजों में डॉक्टरों की स्थिति को भी देखना चाहिए। ऐसा न हो कि नए के चक्कर में पुराने कॉलेज एवं अस्पताल ही बंद हो जाएं।

सबसे ज्यादा प्रभावित होगा बाल रोग विभाग
डॉक्टरों को भेजने से आईजीएमसी के बाल रोग विभाग की ओपीडी का काम सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। इस विभाग से दो डॉक्टरों को नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए भेजा गया है। बालरोग ओपीडी में रोजाना दर्जनों मामले आते हैं। अब दो विशेषज्ञों के तबादले के बाद हालत खराब हो सकती है। 

डॉक्टर बोले, पॉलिसी पर विचार करे सरकार

11 specialist doctor of igme transferred to mandi and nahan

डॉक्टरों का कहना है कि पेराफेरी में डॉक्टरों को 2 साल सेवाएं देनी होती हैं। ऐसे में अगर यह अवधि एक साल कर दी जाए तो बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या काफी हद तक कम हो सकती है। कहा कि सरकार को पालिसी पर विचार करना चाहिए।

क्या कहता है कालेज प्रबंधन 
आईजीएमसी के कालेज प्राचार्य प्रोफेसर अशोक शर्मा ने कहा कि 11 डाक्टर यहां से दूसरे मेडिकल कालेज में तब्दील किया गया है उन्होंने बताया कि इन सभी को यहां से रिलीव कर दिया गया है।   

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