इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बुरी खबर, 1000 सीटें रद्द
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प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में गुणवत्ता के सुधार को लेकर सरकार और तकनीकी विवि ने सख्ती शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि हमीरपुर ने मानक पूरा न करने वाले संस्थानों की सीटों में कटौती कर दी है।
इससे प्रदेश में कुल सीटों की संख्या में भी कमी हो गई है। विवि ने करीब एक हजार सीटों पर कैंची चलाई है। दूसरी ओर सरकार ने भी बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए नियम में राहत से इनकार कर दिया है।
तकनीकी विवि प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने प्रदेश में संचालित निजी इंजीनियरिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था, कमेटी की रिपोर्ट के बाद खामियों को देखते हुए संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें भवन, क्लासरूम जैसी सुविधाओं की बेहद कमी थी।
जेईई आधार पर भरी जाएंगी 6700 सीटें
संस्थानों से नोटिस का जवाब मिलने के बाद विवि प्रशासन सीटों में कटौती की है। पहले प्रदेश में इंजीनियरिंग संस्थानों को करीब 7700 सीटें आवंटित थीं, जो अब कम होकर 6700 के करीब रह गई हैं।
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने भी गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए अहम फैसला लिया है। सरकार ने बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों को कोई रियायत नहीं दी है। कॉलेजों में जेईई के आधार पर ही सीटें भरी जाएंगी।
पिछले वर्ष भी संस्थानों को सरकार ने रियायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद संस्थानों ने नियमों को दरकिनार करते हुए करीब चार हजार छात्रों को प्रवेश दिया था। बाद में छात्र हितों को देखते हुए सरकार को अनुमति प्रदान करनी पड़ी थी।
इंजीनियरिंग के लिए अब तक 1800 आवेदन
इस बार बीटेक में प्रवेश के लिए जेईई आधार पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होनी है। इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटों के लिए 1800 के करीब छात्रों ने आवेदन किया है।
प्रदेश तकनीकी विवि के वाइस चांसलर डा. आरएल शर्मा ने कहा कि तकनीकी संस्थानों में गुणवत्ता की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विवि के निर्णय से गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
संस्थानों को कुछ समय दिया गया है। नियम पूरा होने पर कुछ सीटें बढ़ाई भी जा सकती हैं। उधर, तकनीकी विवि हमीरपुर के रजिस्ट्रार मनोज कुमार ने कहा कि संस्थानों में करीब एक हजार सीटों में कटौती की गई है। निरीक्षण रिपोर्ट के पश्चात कार्रवाई की गई है।