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Rajasthan: कोटा के स्टूडेंट्स को राहत, बिना सिक्योरिटी-काॅशन मनी मिलेगा हाॅस्टल; एसोसिएशन का बड़ा फैसला
Thu, 27 Feb 2025 09:23 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 09:23 PM IST
सार
कोरोना के बाद साल 2022-23 अचानक से स्टूडेंट्स की संख्या में इजाफा होने के बाद कोटा की इकॉनमी में काफी सुधार हुआ था। जोकि 700 करोड़ से भी अधिक हो गई थी। लेकिन साल 2023 के बाद इकॉनमी लगातार नीचे गिरती चली गई।
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हॉस्टल्स एसोसिएशन के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें हाॅस्टल में रहने के लिए सिक्योरिटी और काॅशन मनी नहीं देनी होगी। पहले यह राशि एडजस्ट की जाती थी या रूम खाली करने पर वापस मिलती थी। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन ने इस संबंध में बड़ा फैसला लिया है, जिससे स्टूडेंट्स को किफायती दरों पर हाॅस्टल उपलब्ध हो सकेंगे।
जिला कलेक्टर की पहल पर बड़ा फैसलाजिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर कोटा के सभी हाॅस्टल एसोसिएशन ने सहमति से यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही हाॅस्टल और कोचिंग के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है। नई गाइडलाइन के तहत स्टूडेंट्स को चंबल रिवर फ्रंट और ऑक्सीजोन पार्क में एक बार निशुल्क विजिट की सुविधा मिलेगी।
हाॅस्टल में मेंटेनेंस चार्ज अधिकतम 2,000 रुपये तक ही लिया जाएगा। सभी हाॅस्टल स्टाफ को गेटकीपर ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है और पीजी में निःशुल्क एंटी-हैंगिंग डिवाइस का वितरण होगा।
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कोटा में 4 हजार हाॅस्टल, 80 हजार पीजी रूमकोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल के अनुसार, शहर में तलवंडी, राजीव गांधी एरिया, इंद्र विहार, कोरल पार्क, लैंडमार्क, महावीर नगर, पारिजात कॉलोनी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में करीब 4,000 हाॅस्टल हैं, जिनमें 1.5 लाख सिंगल रूम उपलब्ध हैं। वहीं, पीजी में 80 हजार सिंगल रूम हैं, जो मकान मालिकों के लिए बड़ी इकोनॉमी बने हुए हैं।
छात्रों की संख्या में गिरावट से नुकसानपिछले कुछ वर्षों में कोटा आने वाले छात्रों की संख्या घटी है। सत्र 2024-25 में यह संख्या 2 लाख से घटकर करीब 1.25 लाख रह गई है, जिससे हाॅस्टल उद्योग को 50% तक का राजस्व नुकसान हुआ है। कोरोना के बाद 2022-23 में छात्रों की संख्या बढ़ी थी, जिससे कोटा की अर्थव्यवस्था 700 करोड़ रुपये से अधिक हो गई थी, लेकिन 2023 के बाद इसमें गिरावट आने लगी। अब तो हाॅस्टल्स का किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। हॉस्टल एसोसिएशन का मानना है कि नए नियमों से स्थिति में सुधार होगा।
नए नियमों से क्वालिटी में सुधार की उम्मीदनई गाइडलाइन लागू होने से पहले जहां कई हॉस्टल्स मनमाना किराया और मेंटेनेंस चार्ज वसूलते थे, अब वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। इससे हाॅस्टल संचालकों को क्वालिटी मेंटेन करनी होगी, क्योंकि छात्रों को रूम बदलने की सुविधा मिलेगी। ये नियम एक साल के लिए लागू किए गए हैं और यदि सकारात्मक परिणाम मिले तो इन्हें आगे भी जारी रखा जाएगा।
नई गाइडलाइन में शामिल प्रमुख नियम:
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जिला कलेक्टर की पहल पर बड़ा फैसलाजिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर कोटा के सभी हाॅस्टल एसोसिएशन ने सहमति से यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही हाॅस्टल और कोचिंग के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है। नई गाइडलाइन के तहत स्टूडेंट्स को चंबल रिवर फ्रंट और ऑक्सीजोन पार्क में एक बार निशुल्क विजिट की सुविधा मिलेगी।
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हाॅस्टल में मेंटेनेंस चार्ज अधिकतम 2,000 रुपये तक ही लिया जाएगा। सभी हाॅस्टल स्टाफ को गेटकीपर ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है और पीजी में निःशुल्क एंटी-हैंगिंग डिवाइस का वितरण होगा।
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कोटा में 4 हजार हाॅस्टल, 80 हजार पीजी रूमकोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल के अनुसार, शहर में तलवंडी, राजीव गांधी एरिया, इंद्र विहार, कोरल पार्क, लैंडमार्क, महावीर नगर, पारिजात कॉलोनी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में करीब 4,000 हाॅस्टल हैं, जिनमें 1.5 लाख सिंगल रूम उपलब्ध हैं। वहीं, पीजी में 80 हजार सिंगल रूम हैं, जो मकान मालिकों के लिए बड़ी इकोनॉमी बने हुए हैं।
छात्रों की संख्या में गिरावट से नुकसानपिछले कुछ वर्षों में कोटा आने वाले छात्रों की संख्या घटी है। सत्र 2024-25 में यह संख्या 2 लाख से घटकर करीब 1.25 लाख रह गई है, जिससे हाॅस्टल उद्योग को 50% तक का राजस्व नुकसान हुआ है। कोरोना के बाद 2022-23 में छात्रों की संख्या बढ़ी थी, जिससे कोटा की अर्थव्यवस्था 700 करोड़ रुपये से अधिक हो गई थी, लेकिन 2023 के बाद इसमें गिरावट आने लगी। अब तो हाॅस्टल्स का किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। हॉस्टल एसोसिएशन का मानना है कि नए नियमों से स्थिति में सुधार होगा।
नए नियमों से क्वालिटी में सुधार की उम्मीदनई गाइडलाइन लागू होने से पहले जहां कई हॉस्टल्स मनमाना किराया और मेंटेनेंस चार्ज वसूलते थे, अब वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। इससे हाॅस्टल संचालकों को क्वालिटी मेंटेन करनी होगी, क्योंकि छात्रों को रूम बदलने की सुविधा मिलेगी। ये नियम एक साल के लिए लागू किए गए हैं और यदि सकारात्मक परिणाम मिले तो इन्हें आगे भी जारी रखा जाएगा।
नई गाइडलाइन में शामिल प्रमुख नियम:
- स्टूडेंट्स से हॉस्टल एसोसिएशन का फॉर्म अनिवार्य रूप से भरवाया जाएगा, जिसका कोई शुल्क नहीं होगा।
- सभी हाॅस्टल्स में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक्स अनिवार्य होंगे।
- हाॅस्टल्स को एंटी-हैंगिंग डिवाइस सर्टिफिकेट और फायर एनओसी लेना जरूरी होगा।
- नाइट अटेंडेंस मैनुअल होगी, जो स्टाफ बच्चों के कमरे में जाकर करेगा।
- स्टूडेंट्स के परिजनों को पेमेंट की रसीद देना अनिवार्य होगा।
- गर्ल्स हाॅस्टल में केवल महिला वार्डन होगी, पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- प्रत्येक हाॅस्टल में मेडिकल इमरजेंसी सुविधा अनिवार्य होगी।
- इन नए नियमों से कोटा में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलने की उम्मीद है।