{"_id":"6418847977d87833140e1335","slug":"union-jal-shakti-minister-gajendra-shekhawat-taunted-gehlot-government-on-jojari-project-2023-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Politics: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत बोले, जोजरी प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार का नहीं मिल रहा साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Politics: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत बोले, जोजरी प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार का नहीं मिल रहा साथ
Mon, 20 Mar 2023 09:36 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 20 Mar 2023 09:36 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि 15वें फाइनेंस कमीशन से जोजरी के जीर्णोद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया है। लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के जोधपुर में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोजरी के जीर्णोद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में राजनीति समझ से परे है। उन्होंने कहा कि उद्यमी अपनी समस्या लेकर कभी भी मेरे पास आ सकते हैं। मुझ पर राजस्थान और मारवाड़वासियों का ज्यादा अधिकार है। मैं जितना हो सकेगा, ज्यादा से ज्यादा लोगों के काम करूंगा।
रविवार रात जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड रिसर्च फाउंडेशन संगरिया की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री शेखावत के सामने उद्यमियों ने जोजरी नदी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। शेखावत ने कहा कि 15वें फाइनेंस कमीशन से जोजरी के जीर्णोद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया है। यह ट्रीटेट पानी रिफाइनरी देने के लिए मैंने बात की थी। बदले में हमें इंदिरा गांधी नहर का अधिक पानी मिलता। इसके लिए मेरी रिफाइनरी के अधिकारियों से भी बातचीत हो गई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से आईआईटी के इंजीनियर्स की टीम भी यहां आकर सर्वे कर चुकी है। लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है। शेखावत ने कहा कि मेरी मंशा है कि इस नदी में सौ प्रतिशत शुद्ध पानी बहे। इसका पानी खेती में सिंचाई के लिए भी दिया जा सकता है।
विज्ञापन
‘पानी के सौ प्रतिशत रियूज की जरूरत’
शेखावत ने कहा कि भारत में पानी की 65 प्रतिशत जरूरत भूजल से होती है। भूजल को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। इस पानी का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता सेक्टर कृषि है। शेष में उद्योग और घरेलू खपत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल भूजल की रिपोर्ट बनाती है। इससे जो निष्कर्ष निकलकर आ रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। देशभर में पानी के छह हजार ब्लॉक में से 20 प्रतिशत सेच्युरेटेड कंडीशन में हो गए। ये गति बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसलिए पानी को सहेजने और उसके सौ प्रतिशत रियूज की जरूरत है। इस पर काफी शोध चल रहा है। पानी के ट्रीटमेंट के लिए नई तकनीक पर काम चल रहा है। एक बार खोज होने के बाद उसकी लागत कम कैसे की जाए, उस पर काम किया जाएगा।
‘इंडस्ट्री को मिनिमन वाटर यूज वाली बनाएं’
केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अपनी इंडस्ट्री को मिनिमन वाटर यूज करने वाली इंडस्ट्री बनाएं। पानी को रिसाइकिल कैसे करें, इस पर हमें जाना ही होगा। अगर इस दिशा में हम नहीं सुधरे तो हमारी इंडस्ट्रीज नहीं चलेंगी। हमें अपने आपको विकसित करना चाहिए। शेखावत ने कहा कि पानी को लेकर इंडिया में जितना काम हो रहा है, दुनिया में कहीं नहीं हो रहा। केंद्र सरकार ने पानी के सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश किया है। आने वाले पांच सात साल में पानी का सौ प्रतिशत रियूज करना होगा। उसे खुला छोडऩे पर रोक लग जाएगी। इसलिए इसकी जितनी तैयारी जल्दी शुरू करें उतना ही अच्छा।
‘जोधपुर आईआईटी में बनवाई वाटर चेयर’
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जोधपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और स्टील इंडस्ट्रीज की इकाइयों से निकलने वाले स्लज की जांच की बात की। उन्होंने कहा कि इस स्लज का केमिकल अध्ययन करने के लिए जोधपुर आईआईटी को शोध के लिए प्रोजेक्ट दे दिया जाएगा। देश में चार आईआईटी में वाटर चेयर बनाई गई हैं। उसमें जोधपुर भी एक है। अगर यह स्लज सही निकला तो इसके रियूटिलाइज करने पर काम करना पड़ेगा। शेखावत ने इस सेक्टर में आ रही परेशानियों के बारे में जाना और निराकरण में सहायता पर चर्चा की। शेखावत ने कहा कि सम्मान समारोह में मिले स्वागत ने दिल जीत लिया। भाजपा जोधपुर शहर के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष देवेंद्र सालेचा भी शेखावत के साथ रहे।
विज्ञापन
रविवार रात जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड रिसर्च फाउंडेशन संगरिया की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री शेखावत के सामने उद्यमियों ने जोजरी नदी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। शेखावत ने कहा कि 15वें फाइनेंस कमीशन से जोजरी के जीर्णोद्धार और संपूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया है। यह ट्रीटेट पानी रिफाइनरी देने के लिए मैंने बात की थी। बदले में हमें इंदिरा गांधी नहर का अधिक पानी मिलता। इसके लिए मेरी रिफाइनरी के अधिकारियों से भी बातचीत हो गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दिल्ली से आईआईटी के इंजीनियर्स की टीम भी यहां आकर सर्वे कर चुकी है। लेकिन राज्य सरकार का जो सहयोग इसमें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा। विकास के मामलों में भी क्या राजनीति हो रही है? यह समझ से परे है। शेखावत ने कहा कि मेरी मंशा है कि इस नदी में सौ प्रतिशत शुद्ध पानी बहे। इसका पानी खेती में सिंचाई के लिए भी दिया जा सकता है।
विज्ञापन
‘पानी के सौ प्रतिशत रियूज की जरूरत’
शेखावत ने कहा कि भारत में पानी की 65 प्रतिशत जरूरत भूजल से होती है। भूजल को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। इस पानी का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता सेक्टर कृषि है। शेष में उद्योग और घरेलू खपत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल भूजल की रिपोर्ट बनाती है। इससे जो निष्कर्ष निकलकर आ रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। देशभर में पानी के छह हजार ब्लॉक में से 20 प्रतिशत सेच्युरेटेड कंडीशन में हो गए। ये गति बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसलिए पानी को सहेजने और उसके सौ प्रतिशत रियूज की जरूरत है। इस पर काफी शोध चल रहा है। पानी के ट्रीटमेंट के लिए नई तकनीक पर काम चल रहा है। एक बार खोज होने के बाद उसकी लागत कम कैसे की जाए, उस पर काम किया जाएगा।
‘इंडस्ट्री को मिनिमन वाटर यूज वाली बनाएं’
केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अपनी इंडस्ट्री को मिनिमन वाटर यूज करने वाली इंडस्ट्री बनाएं। पानी को रिसाइकिल कैसे करें, इस पर हमें जाना ही होगा। अगर इस दिशा में हम नहीं सुधरे तो हमारी इंडस्ट्रीज नहीं चलेंगी। हमें अपने आपको विकसित करना चाहिए। शेखावत ने कहा कि पानी को लेकर इंडिया में जितना काम हो रहा है, दुनिया में कहीं नहीं हो रहा। केंद्र सरकार ने पानी के सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश किया है। आने वाले पांच सात साल में पानी का सौ प्रतिशत रियूज करना होगा। उसे खुला छोडऩे पर रोक लग जाएगी। इसलिए इसकी जितनी तैयारी जल्दी शुरू करें उतना ही अच्छा।
‘जोधपुर आईआईटी में बनवाई वाटर चेयर’
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जोधपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और स्टील इंडस्ट्रीज की इकाइयों से निकलने वाले स्लज की जांच की बात की। उन्होंने कहा कि इस स्लज का केमिकल अध्ययन करने के लिए जोधपुर आईआईटी को शोध के लिए प्रोजेक्ट दे दिया जाएगा। देश में चार आईआईटी में वाटर चेयर बनाई गई हैं। उसमें जोधपुर भी एक है। अगर यह स्लज सही निकला तो इसके रियूटिलाइज करने पर काम करना पड़ेगा। शेखावत ने इस सेक्टर में आ रही परेशानियों के बारे में जाना और निराकरण में सहायता पर चर्चा की। शेखावत ने कहा कि सम्मान समारोह में मिले स्वागत ने दिल जीत लिया। भाजपा जोधपुर शहर के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष देवेंद्र सालेचा भी शेखावत के साथ रहे।