Bathinda: ड्रग इंस्पेक्टर के 13 ठिकानों पर STF के छापे, लाखों की नकदी-सोना व विदेशी मुद्रा बरामद
एसटीएफ मोहाली और एसटीएफ बठिंडा ने बठिंडा के मौड़ मंडी शीशन मित्तल, ड्रग इंस्पेक्टर के घर पर दबिश दी। मित्तल अबोहर में तैनात है।
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पंजाब एसटीएफ ने ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में चल रहे ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के तार एक ड्रग इंस्पेक्टर से जुड़े हुए थे, जिसका स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पर्दाफाश किया है। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर की पहचान शीशन मित्तल के रूप में हुई है।
पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने वीरवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 13 जगहों पर रेड की। एसटीएफ की पांच अलग-अलग टीमों ने बठिंडा, मौड़ मंडी, गिद्दड़बाहा, मोहाली, हरियाणा के फतेहाबाद में और चंडीगढ़ में अलग-अलग जगहों पर रेड की। इस दौरान एसटीएफ को 9.31 लाख रुपये नकदी, 260 ग्राम सोना और 515 दिरहम के रूप में विदेशी मुद्रा बरामद हुई।
इस रेड में कुछ अहम दस्तावेज भी बरामद हुए, जिससे यह साबित होता है कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल ने ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क के जरिये कमाए पैसों से चल-अचल संपत्ति बनाई है। इसमें जीरकपुर में दो करोड़ रुपये के फ्लैट, डबवाली में 40 लाख रुपये के एक प्लॉट और अन्य प्राॅपर्टी के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। एसटीएफ मोहाली ने भारतीय न्याय संहिता की धारा-111(संगठित अपराध), एनडीपीएस एक्ट की धारा-29 और 59 के तहत केस दर्ज किया है।
24 बैंक खाते फ्रीज, 6.69 करोड़ की ड्रग मनी जमा करा रखी थी
एसटीएफ को ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के खिलाफ सबूतों के आधार पर यह रेड की गई। एसटीएफ एडीजीपी नीलाभ किशोर ने बताया कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पंजाब और हरियाणा की जेल में बंद कई ड्रग्स तस्करों के संपर्क में था। यहां तक की प्रदेश में गैर कानूनी ढंग से संचालित की जा रही कई फार्मासियुटिकल्स और मेडिकल स्टोरों को यह प्रतिबंधित दवाइयां और ड्रग्स मुहैया कराता था। ड्रग्स तस्करी और प्रतिबंधित ड्रग्स के नेटवर्क को चलाने से होने वाली कमाई यानी ड्रग मनी को आरोपी इंस्पेक्टर शिशन मित्तल ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी खाते खोलकर उनमें यह पैसा जमा किया था। ऐसे 24 बैंक खातों का फ्रीज किया है, जिसमें 6.69 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जमा करा रखी है।
प्रदेश के कई जिलों में आरोपी रह चुका था ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल फाजिल्का में तैनात है। इससे पहले वह बठिंडा और मानसा में भी काम कर चुका है। एसटीएफ ने बताया कि जब उनकी एक टीम ने वीरवार सुबह ड्रग इंस्पेक्टर से संबंधित मौड़ मंडी एरिया व शहर के गणपति एन्क्लेव में दबिश दी तो यहां से टीम को कई दस्तावेज बरामद हुए। एसटीएफ के डीएसपी परमजीत सिंह डोड और मौड़ मंडी में रविंदरपाल सिंह के नेतृत्व में दबिश के दौरान करीब 5 से 6 घंटे तक जांच चली। उन्होंने बताया कि मोहाली में दर्ज मामले के संबंध में जांच की है। कई मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ आरोपी के संबंध सामने आए हैं।
एसटीएफ के शिकंजे में 44 फार्मास्युटिकल कंपनियां, मेडिकल स्टोर
जेल में बंद तस्करों की मदद से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ड्रग्स नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हाथ कई बड़े सुराग लगे हैं। एसटीएफ को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 44 फार्मास्युटिकल्स और मेडिकल स्टोर से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं, जोकि ड्रग इंस्पेक्टर के इस नेटवर्क में प्रमुख रूप से शामिल हैं।
एसटीएफ को इन फार्मास्युटिकल्स कंपनियों और मेडिकल स्टोर के संचालकों द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के बीच हुए बैंक ट्रांजेक्शन के सबूत भी मिले हैं। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल को निगरानी में रखा गया है, अभी कुछ जांच पेंडिंग है। जांच पूरी होने के बाद पूछताछ के लिए आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ ने बताया कि ये फार्मास्युटिकल्स कंपनियां और मेडिकल स्टोर पंजाब के बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, जीरकपुर और डेराबस्सी और हरियाणा के फतेहाबाद में स्थित हैं।