{"_id":"d29e92a02b0f0f612096f388c55e528e","slug":"seven-job-23-headmaster-certificate-forged","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात साल की नौकरी, 23 हेड मास्टर के प्रमाण पत्र जाली!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात साल की नौकरी, 23 हेड मास्टर के प्रमाण पत्र जाली!
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sun, 12 Jan 2014 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीडेक कंपनी की तरफ से अक्तूबर 2006 में भर्ती किए गए 416 हेड मास्टरों में से 23 हेड मास्टर के प्रमाण पत्र जाली हैं। शिक्षा विभाग ने 23 हेड मास्टर के तजुर्बा प्रमाण पत्र सहित शिक्षा के प्रमाणपत्र जांच के लिए दोबारा मंगवाए हैं।
10 जनवरी को दिए गए आदेशों में डीपीआई कमल गर्ग ने 23 हेड मास्टरों को लोहड़ी पर अपने प्रमाणपत्र लेकर चंडीगढ़ आने के आदेश दिए हैं। गर्ग का कहना है कि विभाग को लेक्चरर यूनियन ने शिकायत की है।
जिन हेड मास्टर को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलाया गया है, उनके पास कॉलेज सहित अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, फाजिल्का और मुक्तसर में प्रतिष्ठित स्कूलों में काम करने का तजुर्बा है। जल्दबाजी में विभाग ने इन सभी हेड मास्टर को जेबीटी अध्यापक का तजुर्बा बताया है।
विज्ञापन
गवर्नमेंट स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन, पंजाब ने सरकार की इस प्रक्रिया का विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रधान ब्रिज मोहन सिंह और महासचिव सुखविंदर सिंह का कहना है कि जब उन्हें नौकरी मिली थी, उस समय भी विभाग ने उनके प्रमाण पत्रों की जांच करवाई थी। अब जो जांच हो रही है वह महज हेड मास्टर की पदोन्नति को रद्द करवाने के लिए की जा रही है।
उनका कहना है कि हेड मास्टर के पास जो तजुर्बा है, वह एडेड कॉलेज, गवर्नमेंट स्कूल और प्राइवेट एफिलिएटेड स्कूलों का है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2013 में उनकी पदोन्नति होनी चाहिए। कोर्ट ने भी एक रिट पर सरकार को दिसंबर तक हेड मास्टर को प्रमोट करते हुए प्रिंसिपल के पद भरने के लिए कहा है।
इसके बावजूद अब सरकार उनसे धोखा कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल की पदोन्नति के लिए हेड मास्टर का कोटा 30 प्रतिशत है जबकि लेक्चरर का कोटा 70 फीसदी है। अब लेक्चरर उनके 30 फीसदी कोटे को भी छीनना चाहते हैं।
लेक्चरर के प्रमाण पत्रों की जांच करवाए सरकार : सुखविंदर
हेड मास्टर यूनियन के महासचिव सुखविंदर सिंह का कहना है कि जिन 23 हेड मास्टर के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए डीपीआई ने आदेश दिए हैं, उनके पास देव समाज कॉलेज फिरोजपुर, डीसी मॉडल स्कूल फिरोजपुर, दशमेश कान्वेंट स्कूल फरीदकोट, डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ सहित वरिष्ठ स्कूलों और कॉलेजों का तजुर्बा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मौजूदा समय के दौरान कई लेक्चररों ने जाली तजुर्बा प्रमाण पत्रों पर नियुक्ति की है। सरकार उनके प्रमाण पत्रों की भी जांच करवाए।
लेक्चरर यूनियन ने की है शिकायत : डीपीआई
डीपीआई सेकेंडरी कमल गर्ग का कहना है कि यह जांच लेक्चरर यूनियन के प्रधान हाकम सिंह की लिखित शिकायत पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब हेड मास्टर को तैनात किया गया था, उस समय उनकी जांच सही ढंग से हुई थी कि नहीं इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। इस जांच में हेड मास्टर की पदोन्नति पर कोई असर पड़ेगा कि नहीं इस पर भी डीपीआई चुप्पी साध गए। उन्होंने कहा कि उन्हें जो आदेश हुए हैं, उसके मुताबिक हेड मास्टरों को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलाया गया है।
कोर्ट में जाएंगे हेड मास्टर
हेड मास्टर यूनियन के प्रधान ब्रिज मोहन सिंह, अनिता अरोड़ा, ईश्वर चंद्र, परगट सिंह, मदन गोपाल सिंह, पवन कुमार, दिनेश कुमार, सतिंदरजीत कौर, मोनिका, कंचन शर्मा, शालू रतन, दिलप्रीत सिंह, सीमा, रामपाल भनोट, अनिल कुमार और मनोज कुमार ने कहा है कि सरकार के इस फैसले को हेड मास्टर कोर्ट में चुनौती देंगे। हेड मास्टर ने कहा कि वह जांच से नहीं घबरा रहे, मगर सरकार जो दबाव में आकर उनके प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है वह उन्हें मंजूर नहीं है।
सरकार चाहे तो अपनी घोषणा के मुताबिक सभी कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों की जांच एक साथ करवा सकती है। उन्होंने यह भी मांग की है कि अभी जो जांच की बात चल रही है, उसे भी 15 दिनों में पूरा किया जाए।
विज्ञापन
10 जनवरी को दिए गए आदेशों में डीपीआई कमल गर्ग ने 23 हेड मास्टरों को लोहड़ी पर अपने प्रमाणपत्र लेकर चंडीगढ़ आने के आदेश दिए हैं। गर्ग का कहना है कि विभाग को लेक्चरर यूनियन ने शिकायत की है।
विज्ञापन
जिन हेड मास्टर को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलाया गया है, उनके पास कॉलेज सहित अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, फाजिल्का और मुक्तसर में प्रतिष्ठित स्कूलों में काम करने का तजुर्बा है। जल्दबाजी में विभाग ने इन सभी हेड मास्टर को जेबीटी अध्यापक का तजुर्बा बताया है।
विज्ञापन
गवर्नमेंट स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन, पंजाब ने सरकार की इस प्रक्रिया का विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रधान ब्रिज मोहन सिंह और महासचिव सुखविंदर सिंह का कहना है कि जब उन्हें नौकरी मिली थी, उस समय भी विभाग ने उनके प्रमाण पत्रों की जांच करवाई थी। अब जो जांच हो रही है वह महज हेड मास्टर की पदोन्नति को रद्द करवाने के लिए की जा रही है।
उनका कहना है कि हेड मास्टर के पास जो तजुर्बा है, वह एडेड कॉलेज, गवर्नमेंट स्कूल और प्राइवेट एफिलिएटेड स्कूलों का है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2013 में उनकी पदोन्नति होनी चाहिए। कोर्ट ने भी एक रिट पर सरकार को दिसंबर तक हेड मास्टर को प्रमोट करते हुए प्रिंसिपल के पद भरने के लिए कहा है।
इसके बावजूद अब सरकार उनसे धोखा कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल की पदोन्नति के लिए हेड मास्टर का कोटा 30 प्रतिशत है जबकि लेक्चरर का कोटा 70 फीसदी है। अब लेक्चरर उनके 30 फीसदी कोटे को भी छीनना चाहते हैं।
लेक्चरर के प्रमाण पत्रों की जांच करवाए सरकार : सुखविंदर
हेड मास्टर यूनियन के महासचिव सुखविंदर सिंह का कहना है कि जिन 23 हेड मास्टर के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए डीपीआई ने आदेश दिए हैं, उनके पास देव समाज कॉलेज फिरोजपुर, डीसी मॉडल स्कूल फिरोजपुर, दशमेश कान्वेंट स्कूल फरीदकोट, डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ सहित वरिष्ठ स्कूलों और कॉलेजों का तजुर्बा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मौजूदा समय के दौरान कई लेक्चररों ने जाली तजुर्बा प्रमाण पत्रों पर नियुक्ति की है। सरकार उनके प्रमाण पत्रों की भी जांच करवाए।
लेक्चरर यूनियन ने की है शिकायत : डीपीआई
डीपीआई सेकेंडरी कमल गर्ग का कहना है कि यह जांच लेक्चरर यूनियन के प्रधान हाकम सिंह की लिखित शिकायत पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब हेड मास्टर को तैनात किया गया था, उस समय उनकी जांच सही ढंग से हुई थी कि नहीं इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। इस जांच में हेड मास्टर की पदोन्नति पर कोई असर पड़ेगा कि नहीं इस पर भी डीपीआई चुप्पी साध गए। उन्होंने कहा कि उन्हें जो आदेश हुए हैं, उसके मुताबिक हेड मास्टरों को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलाया गया है।
कोर्ट में जाएंगे हेड मास्टर
हेड मास्टर यूनियन के प्रधान ब्रिज मोहन सिंह, अनिता अरोड़ा, ईश्वर चंद्र, परगट सिंह, मदन गोपाल सिंह, पवन कुमार, दिनेश कुमार, सतिंदरजीत कौर, मोनिका, कंचन शर्मा, शालू रतन, दिलप्रीत सिंह, सीमा, रामपाल भनोट, अनिल कुमार और मनोज कुमार ने कहा है कि सरकार के इस फैसले को हेड मास्टर कोर्ट में चुनौती देंगे। हेड मास्टर ने कहा कि वह जांच से नहीं घबरा रहे, मगर सरकार जो दबाव में आकर उनके प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है वह उन्हें मंजूर नहीं है।
सरकार चाहे तो अपनी घोषणा के मुताबिक सभी कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों की जांच एक साथ करवा सकती है। उन्होंने यह भी मांग की है कि अभी जो जांच की बात चल रही है, उसे भी 15 दिनों में पूरा किया जाए।