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कानूनी पेच में फंसी सरबजीत की बेटी की नौकरी

Wed, 22 May 2013 01:09 AM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
चंडीगढ़/ब्यूरो Updated Wed, 22 May 2013 01:09 AM IST
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sarabjit's daughter job caught in legal complexity

पाकिस्तान की जेल में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बेटी स्वप्नदीप कौर को नायब तहसीलदार की नौकरी में कानूनी पेच आ रहे हैं।

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हालांकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा इस संबंध में घोषणा के बाद इसका प्रस्ताव तैयार कर 28 मई को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखने की पूरी तैयारी है।

पर्सनल और वित्त विभाग के अधिकारी इस नियुक्ति को लेकर असमंजस में हैं।

राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार का पद पांचवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद बढ़े वेतनमान के चलते ग्रुप बी में आ गया है। यह पहले ग्रुप सी में था।
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सुप्रीम कोर्ट की हिदायत है कि ग्रुप बी के पद अनुकंपा आधार पर नहीं दिए जा सकते, लिहाजा इस पद पर नियुक्ति को लेकर अधिकारियों में ऊहापोह की स्थिति है।

अदालत में दी जा सकती है चुनौती
राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि यह नियुक्ति नियमानुसार गलत है लेकिन चूंकि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है लिहाजा इसमें नुक्ताचीनी नहीं की जा सकती।
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उधर, वित्त विभाग के  अधिकारियों की दलील है कि अगर यह नियुक्ति हुई तो इसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

चूंकि वित्त विभाग को ही वेतन संबंधी पे-आर्डर जारी करने हैं लिहाजा सबसे अधिक चिंता वित्त विभाग के अधिकारियों में है।

पांचवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद बढ़े वेतनमान की वजह से ग्रुप ए,बी,सी और डी के पदों का पुनर्निर्धारण करना है जो यह सरकार कर नहीं सकी है।

पदों को निर्धारित करने के मामले में वित्त और पर्सनल विभाग की राय अलग है, इस वजह से पुनर्निर्धारण नहीं हो सका है।

छोटी बेटी को टीचर की नौकरी :
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरबजीत की बड़ी बेटी स्वप्नदीप को नायब तहसीलदार और छोटी बेटी  पूनम को टीचर की नौकरी देने की घोषणा की है।

एएसआई के बेटी का मामला भी ऐसा ही :

वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अमृतसर के एएसआई की बेटी को नायब तहसीलदार पद देना भी नियमानुसार गलत है। गौरतलब है कि बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एएसआई को गोली मार दी गई थी।

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