पंजाब: हरसिमरत की अपील से भड़के हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांवों के लोग, 11 ग्राम पंचायतों में बन रही विरोध की रणनीति
हरसिमरत ने पीएम से अपील की है कि पाकिस्तान से जमीन अदला-बदली कर करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को भारत में शामिल किया जाए। ऐसा करने के लिए हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांवों की जमीन पाक को दी जा सकती है।
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शिरोमणि अकाली दल नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र से संबंधित एक चैनल पर चली खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हुसैनीवाला बार्डर से सटे दर्जनों गांवों के लोग भड़क उठे। हरसिमरत ने पीएम से अपील की है कि पाकिस्तान से जमीन अदला-बदली कर करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को भारत में शामिल किया जाए। ऐसा करने के लिए हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांवों की जमीन पाक को दी जा सकती है।
इस खबर से नाराज हुसैनीवाला बार्डर से सटी 11 पंचायतों के बुजुर्गों का कहना है कि लगभग 25 साल पहले भी अकाली दल के नेता जनमेजा सिंह सेखों ने उक्त जमीनें नीलाम करने की बात कही थी। उस समय हमने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। अब फिर अकाली उन्हें उजाड़ने में तुले हैं। जबकि उक्त जमीनों को उपजाऊ बनाने में उनके बुजुर्गों ने कड़ी मेहनत की है।
गट्टी रहीमेके (जल्लोके) की सरपंच परमजीत कौर व नंबरदार करतार सिंह का कहना है कि हरसिमरत कौर की ओर से पीएम को पत्र भेजकर की गई अपील संबंधी चैनल पर चली यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें हरसिमरत की तरफ से पीएम को भेजे पत्र में कहा गया कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारा भारत में शामिल किया जाए और इसके बदले पाकिस्तान को हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांवों की जमीन पाक को सौंप दी जाए। हरसिमरत की इस सोच पर यहां के सभी ग्रामीण नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि बार्डर से सटी 11 पंचायतों में अकालियों का विरोध करने की रणनीति तैयारी की जा रही है। ये गांव हजारा सिंह वाला, भखड़ा, गट्टी राजोके, टिंडी वाला, बारेके, भाने वाला, जल्लोके, बस्ती महताब सिंह वाली, चांदीवाला, कमाले वाला, खुंदर गट्टी, झुग्गे छीने वाले, चूड़ी वाला व कालू वाला है, जिनमें लगभग पंद्रह हजार से ज्यादा आबादी है।
जल्लोके निवासी गुरदेव सिंह ने बताया कि यहां पर लगभग 11 हजार एकड़ जमीन है। इस जमीन पर पहले जंगल होता था। उनके बुजुर्गों ने खून पसीना बहाकर इस जमीन को उपजाऊ बनाया है। चालीस साल से इस जमीन के मालिक बनना चाहते हैं और अकाली दल उन्हें यहां से उजाड़ना चाहता है। ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर चूड़ीवाला से बूटा सिंह, चांदी वाला से बगीचा सिंह, गट्टी राजोके से कर्मजीत सिंह के अलावा गांव के गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।