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Mohali News: भक्ति में डूबा शहर, मां शैलपुत्री के पूजन से शुरू हुआ नवरात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय उत्सव की शुरुआत की। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर में आध्यात्मिक माहौल बना दिया। शहर के विभिन्न मंदिरों ने इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनमें भक्ति की अलग-अलग छटा देखने को मिली।
फेज-11 स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पहले नवरात्र के दिन भक्तों का तांता लगा रहा। यहां मां लक्ष्मी और भगवान नारायण के साथ-साथ मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करके घर-परिवार में धन और समृद्धि की कामना की। मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया था और दिन भर भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा।
सेक्टर-68 स्थित मां दुर्गा मंदिर विशेष रूप से व्यस्त रहा। मां दुर्गा के नौ रूपों का सोलह श्रृंगार किया गया। सूर्योदय के साथ ही मंदिर में कलश स्थापना का शुभ कार्य हुआ। इसके बाद मां दुर्गा के विधि-विधान से अभिषेक हुआ, जिसमें अनेक भक्तों ने मां पर जल, दूध और घी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में महिला संकीर्तन मंडल द्वारा प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक यहां दुर्गा स्तुति पाठ का आयोजन भी निरंतर जारी रहेगा। शाम के समय 208 ज्योतियों के साथ मां की विशेष आरती की गई।
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शहर के प्राचीनतम मंदिरों में से एक फेज-1 का शिव मंदिर भी भक्तों से भरा रहा। मंदिर के मुख्य पुजारी सुंदरलाल शास्त्री के नेतृत्व में सुबह की विशेष पूजा और कलश स्थापना के साथ नवरात्र उत्सव की शुरुआत हुई। इस मंदिर की विशेषता यहां आयोजित होने वाला नवदिवसीय पारायण का पाठ है, जो सोमवार से शुरू हुआ और नौ दिन तक चलेगा। महिला संकीर्तन ने भी यहां के वातावरण में भक्ति की मधुर धारा बहा दी। पुजारी शास्त्री ने भक्तों को नवरात्रि के महत्व और व्रत के नियमों के बारे में जानकारी दी।
फेज-3बी1 स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर मां वैष्णो देवी मंदिर में भी पहले दिन से ही भक्तों की भारी भीड़ रही। मंदिर में वातावरण ठीक वैसा ही था जैसा कटरा के मूल मंदिर में होता है। यहां भी कलश स्थापना और विशेष आरती का आयोजन किया गया। मंदिर में मां के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने कहा कि इस मंदिर में आकर ऐसा लगता है जैसे वे खुद जम्मू-कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी के दरबार में पहुंच गए हों। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष प्रसाद वितरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। वहीं शाम के समय 208 ज्योतियों के साथ मां की विशेष आरती की गई।
भक्ति और उल्लास का संगम : नवरात्रों के पहले दिन शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही व्रतधारी महिलाएं पारंपरिक परिधान में पूजा-अर्चना करती नजर आईं। कई जगह कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिरों में आए श्रद्धालुओं का कहना था कि नवरात्रि का पहला दिन बहुत ही शुभ और ऊर्जावान होता है।
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मोहाली। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय उत्सव की शुरुआत की। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर में आध्यात्मिक माहौल बना दिया। शहर के विभिन्न मंदिरों ने इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनमें भक्ति की अलग-अलग छटा देखने को मिली।
फेज-11 स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पहले नवरात्र के दिन भक्तों का तांता लगा रहा। यहां मां लक्ष्मी और भगवान नारायण के साथ-साथ मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करके घर-परिवार में धन और समृद्धि की कामना की। मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया था और दिन भर भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा।
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सेक्टर-68 स्थित मां दुर्गा मंदिर विशेष रूप से व्यस्त रहा। मां दुर्गा के नौ रूपों का सोलह श्रृंगार किया गया। सूर्योदय के साथ ही मंदिर में कलश स्थापना का शुभ कार्य हुआ। इसके बाद मां दुर्गा के विधि-विधान से अभिषेक हुआ, जिसमें अनेक भक्तों ने मां पर जल, दूध और घी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में महिला संकीर्तन मंडल द्वारा प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक यहां दुर्गा स्तुति पाठ का आयोजन भी निरंतर जारी रहेगा। शाम के समय 208 ज्योतियों के साथ मां की विशेष आरती की गई।
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शहर के प्राचीनतम मंदिरों में से एक फेज-1 का शिव मंदिर भी भक्तों से भरा रहा। मंदिर के मुख्य पुजारी सुंदरलाल शास्त्री के नेतृत्व में सुबह की विशेष पूजा और कलश स्थापना के साथ नवरात्र उत्सव की शुरुआत हुई। इस मंदिर की विशेषता यहां आयोजित होने वाला नवदिवसीय पारायण का पाठ है, जो सोमवार से शुरू हुआ और नौ दिन तक चलेगा। महिला संकीर्तन ने भी यहां के वातावरण में भक्ति की मधुर धारा बहा दी। पुजारी शास्त्री ने भक्तों को नवरात्रि के महत्व और व्रत के नियमों के बारे में जानकारी दी।
फेज-3बी1 स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर मां वैष्णो देवी मंदिर में भी पहले दिन से ही भक्तों की भारी भीड़ रही। मंदिर में वातावरण ठीक वैसा ही था जैसा कटरा के मूल मंदिर में होता है। यहां भी कलश स्थापना और विशेष आरती का आयोजन किया गया। मंदिर में मां के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने कहा कि इस मंदिर में आकर ऐसा लगता है जैसे वे खुद जम्मू-कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी के दरबार में पहुंच गए हों। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष प्रसाद वितरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। वहीं शाम के समय 208 ज्योतियों के साथ मां की विशेष आरती की गई।
भक्ति और उल्लास का संगम : नवरात्रों के पहले दिन शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही व्रतधारी महिलाएं पारंपरिक परिधान में पूजा-अर्चना करती नजर आईं। कई जगह कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिरों में आए श्रद्धालुओं का कहना था कि नवरात्रि का पहला दिन बहुत ही शुभ और ऊर्जावान होता है।