{"_id":"614f88c78ebc3e09024bfa88","slug":"sidhu-s-leave-from-the-team-of-new-chief-minister-charanjit-singh-channi-supporters-raised-questions-mohali-news-pkl42802573","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की टीम से सिद्धू की छुट्टी, समर्थकों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की टीम से सिद्धू की छुट्टी, समर्थकों ने उठाए सवाल
विज्ञापन
मोहाली। पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की टीम में मोहाली के विधायक एवं पूर्व सेहतमंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को जगह नहीं मिलने से उनके समर्थक मायूस हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से वह सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि उनका क्या कसूर है। उन्हें किस बात की सजा दी गई है। हालांकि सिद्धू ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर को ही यह साफ हो गया कि टीम चन्नी से सिद्धू गायब हैं। फेसबुक व सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उनके समर्थकों ने सरकार पर सवालों की बौछार कर दी है। उधर, सिद्धू विरोधी खेमा खुश नजर आ रहा है। सूत्रों की मानें तो जिला कांग्रेस में भी उनके खिलाफ बगावत के सुर उठ सकते हैं। अभी तक तो सिद्धू हर मसले को बड़े तरीके से संभालते आए हैं।
मंत्रिमंडल में शामिल न होना भी सिद्धू के ही पक्ष में
राजनीतिक विशेषज्ञ अमरजीत सिंह मानते हैं कि बलबीर सिंह सिद्धू को मंत्रिमंडल में शामिल न करने के फैसला भले ही चौंकाने वाला है, लेकिन यह फैसला बलबीर सिंह सिद्धू के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। लगभग तीन महीने वह अच्छा समय अपने हलके को दे पाएंगे। जो समर्थक या नेता उनसे निराश चल रहे थे। उनसे तालमेल बिठा पाएंगे। इसके अलावा लोगों की सहानुभूति मिलेेगी। क्योंकि कोरोना काल में अच्छा काम किया है। दूसरा, यह कहा जाएगा कैप्टन व सिद्धू की लड़ाई में उन्हें निशाना बनाया है।
विज्ञापन
मंत्री या विधायक नहीं सीधे बलबीर सिंह सिद्धू के नाम से संदेश
बलबीर सिंह सिद्धू की टीम की तरफ से जो संदेश कांग्रेसी पार्षदों व समर्थकों को दिए गए हैं, उनमें पूर्व मंत्री या विधायक आदि नहीं लिखा गया। फेज-दस में विकास कार्यों के लिए एसोसिएशन को चेक बांटने के समागम के न्योता पत्र पर भी बलबीर सिंह सिद्धू लिखा गया था।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर को ही यह साफ हो गया कि टीम चन्नी से सिद्धू गायब हैं। फेसबुक व सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उनके समर्थकों ने सरकार पर सवालों की बौछार कर दी है। उधर, सिद्धू विरोधी खेमा खुश नजर आ रहा है। सूत्रों की मानें तो जिला कांग्रेस में भी उनके खिलाफ बगावत के सुर उठ सकते हैं। अभी तक तो सिद्धू हर मसले को बड़े तरीके से संभालते आए हैं।
विज्ञापन
मंत्रिमंडल में शामिल न होना भी सिद्धू के ही पक्ष में
राजनीतिक विशेषज्ञ अमरजीत सिंह मानते हैं कि बलबीर सिंह सिद्धू को मंत्रिमंडल में शामिल न करने के फैसला भले ही चौंकाने वाला है, लेकिन यह फैसला बलबीर सिंह सिद्धू के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। लगभग तीन महीने वह अच्छा समय अपने हलके को दे पाएंगे। जो समर्थक या नेता उनसे निराश चल रहे थे। उनसे तालमेल बिठा पाएंगे। इसके अलावा लोगों की सहानुभूति मिलेेगी। क्योंकि कोरोना काल में अच्छा काम किया है। दूसरा, यह कहा जाएगा कैप्टन व सिद्धू की लड़ाई में उन्हें निशाना बनाया है।
विज्ञापन
मंत्री या विधायक नहीं सीधे बलबीर सिंह सिद्धू के नाम से संदेश
बलबीर सिंह सिद्धू की टीम की तरफ से जो संदेश कांग्रेसी पार्षदों व समर्थकों को दिए गए हैं, उनमें पूर्व मंत्री या विधायक आदि नहीं लिखा गया। फेज-दस में विकास कार्यों के लिए एसोसिएशन को चेक बांटने के समागम के न्योता पत्र पर भी बलबीर सिंह सिद्धू लिखा गया था।