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मोहाली में किसानों की रैली को सुरक्षा कारणों के चलते नहीं मिली मंजूरी

Sun, 15 Sep 2019 09:40 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 15 Sep 2019 09:40 AM IST
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farmer not get permission of rally due to safety reasons
- फोटो : अमर उजाला

कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के विरोध में पंद्रह सितंबर को होने वाली रैली अब मोहाली में नहीं हो पाएगी। सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने रैली की मंजूरी के लिए आई अर्जी खारिज कर दी है। यह फैसला जिला मजिस्ट्रेट कम डिप्टी कमिश्नर गिरीश दियालन की तरफ से लिया गया।

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जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि रैली के लिए झंडा सिंह निवासी जेठुके, लखविंदर सिंह व कमलप्रीत पन्नू ने 13 सितंबर को शाम चार बजे ईमेल के माध्यम से अर्जी भेजी थी। रैली 15 सितंबर को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक दशहरा ग्राउंड से यूटी चंडीगढ़ तक करने की योजना थी। इसमें 7500 पुरुष, 500 औरतों व 100 के करीब बच्चों के शामिल होने की संभावना है।
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दियालन ने कहा कि प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश व पंजाब सरकार की एडवाइजरी के संदर्भ में आई एप्लीकेशन पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि इन दिशा निर्देशों में स्पष्ट है कि ऐसे समागम की मंजूरी के लिए कम से कम सात दिन पहले आवेदन करना होता है।। लेकिन यह अर्जी लेट प्राप्त हुई है। ऐसे में अलग-अलग विभागों से रिपोर्ट मांगी गई। समय की कमी के कारण सारे विभागों से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है।

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पुलिस ने कहा कि रैली से शांति भंग होने का खतरा

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कुछ विभागों से रिपोर्ट मिली है। एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ऐसी रैली में एकत्रित हुए लोगों व आम लोगों के जीवन को खतरा हो सकता है। इससे शांति भंग होने का खतरा है। मोहाली जिले में बहुत से कश्मीरी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऐसी रैली उन्हें कोई जुर्म करने के लिए उकसा सकती है। एसएसपी ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर लोगों के इकट्ठे होने से ट्रैफिक व्यवस्था को खतरा हो सकता है। यह रैली एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व इमरजेंसी वाहनों के लिए रुकावट खड़ी करेगी।

निगम ने रखा अपना यह तर्क
नगर निगम कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस रैली का रूट रिहायशी इलाकों से होकर गुजरता है। रैली वाले स्थान के पास ही फोर्टिस व कोस्मो जैसे अस्पताल पड़ते हैं। ऐसे में रैली को मंजूरी न दी जाए।

फायर ब्रिगेड ने भी किए हाथ खड़े
फायर अफसर ने बताया कि इतने कम समय में रैली वाले स्थान पर आग बुझाने वाले यंत्र मुहैया करवाना संभव नहीं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि उक्त रैली से जिले में जीवन व कानून व्यवस्था को गंभीर खतरा है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रैली प्रबंधकों ने लाउडस्पीकर लगाने की मंजूरी नहीं मांगी थी। न ही रैली वाले स्थान पर लाउडस्पीकर की मंजूरी के लिए आवेदन किया है।

कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटाने के विरोध में थी रैली
यह रैली कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के विरोध में 15 सितंबर को होनी थी। रैली को लेकर चंडीगढ़ के एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में केस दायर किया था। उसने कहा था कि रैली से इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बन सकती है। जैसे ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उसके बाद हाईकोर्ट ने पंजाब और चंडीगढ़ दोनों के डीजीपी को सुरक्षा की कमान संभालने के आदेश दिए थे।

 

साथ ही कहा था कि किसी भी कीमत पर जान माल का नुकसान नहीं होना चाहिए। उसके बाद 12 सितंबर को मोहाली जिला प्रशासन ने पूरे जिले में दस नवंबर तक धारा 144 लागू कर दी थी। इसके तहत धरने, रैलियों, प्रदर्शन, हड़ताल व नारेबाजी आदि पर पाबंदी लगा दी गई थी।

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