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Mohali News: पाबंदी के बावजूद धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा पॉलिथीन, होता है जलभराव

Sat, 20 Sep 2025 12:42 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:42 AM IST
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Despite the ban, polythene is being used rampantly, causing waterlogging
जीरकपुर। से नो टू प्लास्टिक स्लोगन सिर्फ विज्ञापनों का शृंगार बनकर रह गया है। प्लास्टिक हर जगह पर मौजूद है। सब्जी की रेहड़ी से लेकर बड़ी-बड़ी दुकानों में पॉलीथिन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस कारण चारों तरफ प्रदूषण फैलाने के साथ ही पाॅलीथिन जलभराव का कारण भी बन रहा है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने से इनकार नहीं किया जा सकता। डंपिंग ग्राउंड और कूड़ा कलेक्शन पाॅइंट पर पहुंच रहे कूड़े को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में पॉलीथिन का प्रयोग किस स्तर पर हो रहा है।
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इन स्थानों को देखने से ऐसा लगता है कि 50% से अधिक पॉलीथिन ही कूड़े के ढेर पर नजर आता है। शहर के बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि अधिकारियों का शहर को पॉलीथिन मुक्त करने के दावों की हवा कूड़े के ढेर पर पड़ा पॉलीथिन का कचरा निकाल रहा है। कूड़ा कलेक्शन पाॅइंट हो या डंपिंग ग्राउंड हर जगह पर पशुओं की भरमार है। कूड़े के ढेर में पशुओं को अक्सर ही पॉलीथिन पर मुंह मारते देखा जा सकता है। बहुत बार यह पशु प्लास्टिक तक को निगल लेते हैं। कई बार पशुओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। सरकार द्वारा एक तरफ तो काऊ सेस लगाकर लोगों से करोड़ों रुपया इकट्ठा किया जा रहा है।
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दूसरी तरफ गोधन को कूड़े के ढेर पर घूमते हुए देखा जा सकता है। नवजीवन वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन नेहरूए बलजिंदर सिंह, राजेंद्र शर्मा, अनिल कुमार और राजकुमार का कहना है कि पॉलीथिन का प्रयोग रोकने के लिए नगर परिषद की कार्रवाई सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित है। असलियत कुछ और ही है। नगर परिषद द्वारा जब भी कार्रवाई की जाती है, वह छोटे दुकानदारों पर ही की जाती है। अक्सर देखने को मिलता है कि जिस दिन भी नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जाती है, उस दिन करीब 5 से लेकर 10 छोटे दुकानदारों के चालान किए जाते हैं। कुछ किलो पॉलीथिन जब्त भी किया जाता है। जबकि शहर में प्रतिदिन क्विंटलों के हिसाब से पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है जिसका सबूत डंपिंग ग्राउंड तथा कूड़े के डंप पर पड़ा प्लास्टिक का कचरा दे रहा है।
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नगर परिषद पॉलीथिन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। उनका चालान भी किया जा रहा है। इसके अलावा पॉलीथिन जब्त भी किया जा रहा है। हमारी तरफ से शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रयास निरंतर जारी है लेकिन लोगों को भी अपनी जिम्मेवारी को समझकर सहयोग करना चाहिए और प्लास्टिक का प्रयोग बंद करना चाहिए। - रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।
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