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आज उठेगा किसान मोर्चा!: सरकार ने मौखिक ताैर पर मानी अधिकतर मांगें, लिखित आश्वासन के इंतजार में किसान
Mon, 07 Sep 2026 09:33 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:33 AM IST
सार
पंजाब सरकार पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करने का प्रस्ताव विधानसभा के विशेष सत्र में लाएगी। बिजली और बीज बिल रद्द करने के लिए भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने का भरोसा दिया गया है।
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मोहाली में किसान मोर्चा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर मांगों को लेकर पक्का मोर्चा लगाए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और पंजाब सरकार के बीच रविवार को हुई बैठक में अधिकतर मांगों पर मौखिक सहमति बन गई।
किसान नेताओं ने साफ किया कि सोमवार सुबह सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही मोर्चा उठाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसकेएम से जुड़ी 24 जत्थेबंदियों के नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद एसकेएम नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करने का प्रस्ताव विधानसभा के विशेष सत्र में लाएगी। बिजली और बीज बिल रद्द करने के लिए भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने का भरोसा दिया गया है। पानी के समझौते भी विधानसभा में रद्द करने की बात सरकार ने मानी है।
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कर्ज निपटाने के लिए ओटीएस योजना
राजेवाल के अनुसार किसानों के कर्ज के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लाई जाएगी। इसे भी विधानसभा सत्र में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन से किसान संतुष्ट हैं लेकिन अब फैसला लिखित आश्वासन मिलने पर ही होगा।
गन्ने के मूल्य पर सरकार ने पंजाब में सबसे अधिक रेट देने का भरोसा दिया है। एसकेएम ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग रखी है ताकि किसानों को फसलों का उचित मूल्य मिल सके।
पहले पंजाब के मुद्दे सुलझेंगे फिर केंद्र पर संघर्ष
राजेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार से जुड़े मुद्दे सुलझने के बाद ही केंद्र से जुड़े मामलों पर संघर्ष तेज किया जाएगा। केंद्र से सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए एसकेएम तैयार है लेकिन अभी केंद्र की ओर से बातचीत का कोई न्योता नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा से संबंधित प्रस्ताव पारित होना जरूरी है। केंद्र से बातचीत के दौरान अक्सर पंजाब सरकार की ओर से प्रस्ताव पारित कराने की मांग की जाती है। इसलिए पहले राज्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से लिखित आश्वासन लिया जाएगा।
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किसान नेताओं ने साफ किया कि सोमवार सुबह सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही मोर्चा उठाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसकेएम से जुड़ी 24 जत्थेबंदियों के नेता शामिल हुए।
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बैठक के बाद एसकेएम नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करने का प्रस्ताव विधानसभा के विशेष सत्र में लाएगी। बिजली और बीज बिल रद्द करने के लिए भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने का भरोसा दिया गया है। पानी के समझौते भी विधानसभा में रद्द करने की बात सरकार ने मानी है।
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कर्ज निपटाने के लिए ओटीएस योजना
राजेवाल के अनुसार किसानों के कर्ज के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लाई जाएगी। इसे भी विधानसभा सत्र में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन से किसान संतुष्ट हैं लेकिन अब फैसला लिखित आश्वासन मिलने पर ही होगा।
गन्ने के मूल्य पर सरकार ने पंजाब में सबसे अधिक रेट देने का भरोसा दिया है। एसकेएम ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग रखी है ताकि किसानों को फसलों का उचित मूल्य मिल सके।
पहले पंजाब के मुद्दे सुलझेंगे फिर केंद्र पर संघर्ष
राजेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार से जुड़े मुद्दे सुलझने के बाद ही केंद्र से जुड़े मामलों पर संघर्ष तेज किया जाएगा। केंद्र से सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए एसकेएम तैयार है लेकिन अभी केंद्र की ओर से बातचीत का कोई न्योता नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा से संबंधित प्रस्ताव पारित होना जरूरी है। केंद्र से बातचीत के दौरान अक्सर पंजाब सरकार की ओर से प्रस्ताव पारित कराने की मांग की जाती है। इसलिए पहले राज्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से लिखित आश्वासन लिया जाएगा।