{"_id":"5bef1187bdec22698e6ec2c7","slug":"81542394247-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजनाला नहीं पहुंचे अदालत, पेशी से मांगी छूट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अजनाला नहीं पहुंचे अदालत, पेशी से मांगी छूट
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत के बाहर वकील ने कहा-गवाही के बाद से सोशल मीडिया पर मिल रहीं थी धमकियां
हालांकि उन्होंने पेशी से मांगी थी छूट, उनकी एप्लीकेशन केे अदालत ने किया मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सीबीआई की अदालत में करोड़ों रुपये के ड्रग तस्करी केस की सुनवाई हुई। इस दौरान बनूड़ थाने में दर्ज एफआईर नंबर 56 केस की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान पूर्व अकाली नेता डा. रतन सिंह अजनाला के बेटे अमरपाल सिंह बोनी अजनाला की गवाही होनी थी। लेकिन वे अदालत में गवाही देने के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से अदालत में आज के लिए छूट मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।
जिक्रयोग है कि तीन दिन पहले बोनी अजनाला ने अदालत में इस ड्रग तस्करी केस के आरोपी मनिन्द्र सिंह बिट्टु औलख के पक्ष में अपने बयान दर्ज करवाए थे। उन्होंने अपने बयानों में एक सीनियर अकाली नेता पूर्व मंत्री के खिलाफ बयान दर्ज करवाए थे।। शुक्रवार को फिर इस केस की सुनवाई होनी थी और बोनी की केस में गवाही होनी थी। अदालत के बाहर उनके वकील सुमेश जैन ने बताया कि बोनी ने अपनी एप्लीकेशन में अदालत को बताया कि जिस दिन से उसने बिट्टू औलख के पक्ष में बयान दर्ज करवाए हैं, उसी दिन से उसे सोशल मीडिया व अन्य कई प्रकार से धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। अदालत ने उसकी गवाही के लिए अब अगली तारीख 20 नवंबर निश्चित कर दी है। जिक्रयोग है कि नवंबर 2013 में यह करोड़ों रुपयों का अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी केस सामने आया था। जिस में पंजाब पुलिस के डीएसपी जगदीश भोला व दिल्ली निवासी वरिन्द्र राजा मुख्य आरोपी थे। इस केस में अन्य कई आरोपियों को शामिल किया गया था। इस केस की सुनवाई मोहाली की सीबीआई की अदालत में चल रही है।
विज्ञापन
हालांकि उन्होंने पेशी से मांगी थी छूट, उनकी एप्लीकेशन केे अदालत ने किया मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सीबीआई की अदालत में करोड़ों रुपये के ड्रग तस्करी केस की सुनवाई हुई। इस दौरान बनूड़ थाने में दर्ज एफआईर नंबर 56 केस की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान पूर्व अकाली नेता डा. रतन सिंह अजनाला के बेटे अमरपाल सिंह बोनी अजनाला की गवाही होनी थी। लेकिन वे अदालत में गवाही देने के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से अदालत में आज के लिए छूट मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।
जिक्रयोग है कि तीन दिन पहले बोनी अजनाला ने अदालत में इस ड्रग तस्करी केस के आरोपी मनिन्द्र सिंह बिट्टु औलख के पक्ष में अपने बयान दर्ज करवाए थे। उन्होंने अपने बयानों में एक सीनियर अकाली नेता पूर्व मंत्री के खिलाफ बयान दर्ज करवाए थे।। शुक्रवार को फिर इस केस की सुनवाई होनी थी और बोनी की केस में गवाही होनी थी। अदालत के बाहर उनके वकील सुमेश जैन ने बताया कि बोनी ने अपनी एप्लीकेशन में अदालत को बताया कि जिस दिन से उसने बिट्टू औलख के पक्ष में बयान दर्ज करवाए हैं, उसी दिन से उसे सोशल मीडिया व अन्य कई प्रकार से धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। अदालत ने उसकी गवाही के लिए अब अगली तारीख 20 नवंबर निश्चित कर दी है। जिक्रयोग है कि नवंबर 2013 में यह करोड़ों रुपयों का अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी केस सामने आया था। जिस में पंजाब पुलिस के डीएसपी जगदीश भोला व दिल्ली निवासी वरिन्द्र राजा मुख्य आरोपी थे। इस केस में अन्य कई आरोपियों को शामिल किया गया था। इस केस की सुनवाई मोहाली की सीबीआई की अदालत में चल रही है।
विज्ञापन