फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   जीरकपुर : छतबीड़ जू में पानी की प्लास्टिक की बोतल की ‘नो एंट्री’ पर हुआ विचार

जीरकपुर : छतबीड़ जू में पानी की प्लास्टिक की बोतल की ‘नो एंट्री’ पर हुआ विचार

Tue, 05 Dec 2017 02:06 AM IST
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
जीरकपुर : छतबीड़ जू में पानी की प्लास्टिक की बोतल की ‘नो एंट्री’ पर हुआ विचार
छतबीड़ जू में पानी की प्लास्टिक बोतल की ‘नो एंट्री’ पर हुआ विचार
विज्ञापन

- प्लास्टिक लिफाफे पर पहले से ही है बैन
- जानवरों और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाए कदम
अमर उजाला ब्यूरो।
जीरकपुर।
छतबीड़ चिड़ियाघर में पॉलीथिन लिफाफे पर पहले से प्रतिबंध है, लेकिन अब बाघ की ओर से पानी की बोतल चबाने की घटना को लेकर जूं प्रशासन ने सबक लेते हुए एहतियातन के तौर पर पर्यटकों की अब गेट में एंट्री होने के बाद पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतल पर भी नो एंट्री का मन बनाया है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को छतबीड़ के अंदर बाघ के बाड़े में किसी पर्यटक ने बाघ का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतल फेंक दी थी। दूसरी ओर, रविवार को छुट्टी का दिन होने की वजह से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या पांच हजार से अधिक थी और बाघ के बाड़े के आगे पर्यटकों की भीड़ अधिक होने की वजह से किसी का इस ओर ध्यान ही नहीं गया। वहीं, प्लास्टिक की बोतल किसने और कब फेंकी, सभी को तब पता चला जब बाड़े में मौजूद सफेद बाघिन ने उसे चबाना शुरू कर दिया। हालांकि इस घटना का जैसे ही जू कीपर को पता चला तो उसने कुछ ही पलों में प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को उनके पिंजरे में बंद कर उक्त बोतल को वहां से हटा दिया था।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को छतबीड़ चिडिय़ाघर के फील्ड डायरेक्टर मधुकर सुधाकर ने इस घटना को लेकर कर्मचारियों के साथ बैठक की। वहीं, बैठक के दौरान उन्होंने ऐसी घटना को भविष्य में घटित होने से रोकने के उपायों के बारे में विचार चर्चा की।
विज्ञापन


पर्यटकों को देनी होगी पानी की बोतल के लिए सिक्योरिटी राशि
तमाम चेतावनी और खतरों के बावजूद बहुत से लोग जानवरों से छेड़खानी करने से बाज नहीं आते और जानवरों को खाने-पीने की चीजें फेंक देते हैं, जो जीवों को खतरनाक है। उन्होंने कहा कि रविवार की घटना के दौरान जू कीपर ने मौके की नजाकत के हिसाब से अपनी ड्यूटी निभाते हुए बोतल को बाड़े से बाहर कर दिया, जिससे बाघ को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। जबकि छतबीड़ में उनका पूरा ध्यान जानवरों और पर्यटकों की सुरक्षा का है और वह समय-समय पर एहतियात कदम उठाते भी रहते हैं। उन्होंने बताया कि छतबीड़ में बाहर से पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतल को बैन करने के बारे में उच्चाधिकारियों से मिलकर प्रतिबंध लगाने को लेकर विचार कर रहे हैं, अगर यह पॉलिसी मंजूर हो गई तो छतबीड़ परिसर में कैंटीन में उपलब्ध पीने के पानी की बोतल के लिए पर्यटकों को सिक्योरिटी राशि देनी होगी। जिसका रिफंड कैंटीन में खाली बोतल वापस देकर ही मिलेगा, ताकि इस तरह की अप्रिय घटनाओं से बचा जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

- मधुकर सुधाकर, फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ चिडिय़ाघर।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed