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स्थानीय निकाय पेपर घोटाला में आरोप तय

Wed, 08 Aug 2018 10:57 PM IST
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:57 PM IST
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स्थानीय निकाय पेपर घोटाला में आरोप तय
पेपर लीक मामले में गुरुजी समेत 27 पर आरोप तय
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जिला अदालत में आरोपियों पर धोखाधड़ी की धाराओं के तहत तय हुए आरोप
अगली पेेशी से चलेगी गवाहियां, अन्य मेंबर भी रहेंगे मौजूद
अमित शर्मा
मोहाली। स्थानीय निकाय विभाग में हुई विभिन्न पदों की भर्ती के लिए पेपर लीक मामले में हुई सुनवाई के दौरान गिरोह के मास्टर माइंड समेत 27 लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप तय किए गए हैं। आरोपियों में पेपर लीक करने से लेकर परीक्षा में अपीयर होने वाले सभी लोग शामिल हैं। आरोपियों मेें गिरोह का प्रमुख संजय कुमार उर्फ श्री वास्तव उर्फ मास्टर जी, संदीप, खुशवंत, रमनजोत सिंह, गौरव शर्मा, साहिल बंसल, अमनदीप सिंह, भरत काकड़िया, गौरव जैदका, दिलबाग सिंह, गरमेज सिंह, सुखप्रीत सिंह, भगवान सिंह, अजय कुमार, अमित सितार खान, मुश्ताक अहमद, विनोद कुमार, शिव कुमार, बहादुर, रणबीर सिंह, सैलेश कुमार, अरुण कुमार, शाम लाल गुप्ता, प्रितपाल शामिल हैं। उक्त केस में किसी भी सरकारी मुलाजिम के शामिल न होने के चलते सिर्फ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत चार्जेस तय हुए हैं।

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यह रिकॉर्ड भी चालान में है
विजिलेंस के मुताबिक भर्ती घोटाले का मुख्य आरोपी संजय कुमार उर्फ श्री वास्तव उर्फ मास्टर जी है। विजिलेंस ने इस मामले में पेपर लीक करवाने वाले आरोपियों समेत परीक्षा में अपीयर हुए आवेदकों से काफी नकदी बरामद की थी। विजिलेंस ने चालान में अलग पदों के लिए पेपर, आईकार्ड व मोबाइल फोन का रिकार्ड भी अदालत में पेश किया है।
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ऐसे हुई थी उक्त ठगी
स्थानीय निकाय विभाग में नवंबर 2015 में 682 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दौरान जेई, असिस्टेंट कारपोरेशन इंजीनियर, असिस्टेंट म्युनिसिपल इंजीनियर और सब डिवीजनल इंजीनियर के पद शामिल थे। इसमें कई विद्यार्थी अपीयर हुए थे। उम्मीदवारों की सिलेक्शन लिखित परीक्षा के आधार पर होनी थी। ऐसे मेें उक्त गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। इसके बाद मोटी रकम लेकर परीक्षा में अपीयर होने वालों को पेपर की तैयारी करवाई थी। इसी बीच उक्त गिरोह के मेंबर पकड़ में आए थे।
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रियल एस्टेट कंपनी का है मालिक
मामले के प्रमुख गुरु ने एमसीए व एमटेक की हुई है। इसके अलावा वे एक रियल एस्टेट कंपनी का मालिक है। इसके साथ उसके कई अन्य धंधे भी चल रहे हैं। उसकी वाटर टैंकर क्लीनिंग कंपनी भी है। विजिलेंस ने अब तक करीब 150 गिरफ्तारियां की हैं।


गुुरु का भी था गुरु
विजिलेंस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी गुरु जो जेबीटी समेत पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों के पेपर लीक मामले का मास्टरमांइड रहा है, उसका भी एक गुरु था। उसका नाम बेदी राम बताया जा रहा है। उसने व्यापम घोटाला करके पूरे देश को हिला दिया था। गुरु ने जो भी ठगी करने की कला सीखी वह उसी से सीखी थी। फिर गुरु बेदी राम से अलग हो गया और उसने अपना अलग से ठगी मारने का काम शुरू कर दिया।
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